
नई दिल्ली। उत्तराखंड ( Uttarakhand ) के चमोली से माउंट त्रिशूल ( Mount Trishul ) फतह करने निकले भारतीय नौसेना के दल के लापता चार जवानों के शव मिल गए हैं। एवलांच ( Avalanche ) की चपेट में आने से नौसेना दल के जवान पिछले दो दिन से लापता थे।
जिन जवानों के शव मिले हैं उनमें लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी और मास्टर चीफ पैट्टी आफिसर हरिओम शामिल हैं।
अब भी लापता हैं दो सदस्य
नौसेना के दल के लापता होने के बाद शनिवार को कश्मीर से हाई एल्टीट्यूट एक्सपर्ट की टीम को सर्च अभियान के लिए बुलाया गया था। इसके बाद सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ।
अभियान दल के दो लोग अब भी लापता बताए गए हैं। इनकी तलाश में अभियान जारी रहेगा।
इससे पूर्व शनिवार की दोपहर खोज के लिए गए दल को हवाई सर्वे के दौरान मौके पर चार लोग पड़े हुए दिखाई दिए। इन लोगों को निकालने के लिए टीम उतारी गई।
निम के कर्नल अमित बिष्ट ने शुरुआती जानकारी दी थी कि रेस्क्यू अभियान में रविवार तक का समय लग सकता है। रेस्क्यू के लिए हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल गुलमर्ग से भी टीम पहुंच चुकी है।
रक्षा मंत्री ने जताया दुख
नौसेना के जवानों के शव बरामद होने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दुख प्रकट किया। एक ट्वीट में श्री सिंह ने कहा कि इस त्रासदी में राष्ट्र ने न केवल अनमोल युवा बल्कि साहसी सैनिकों को भी खोया है।
रक्षा मंत्री ने कहा, लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती और एमसीपीओ II हरिओम के शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। उन्होंने टीम के बाकी सदस्यों का जल्द पता लगाने की प्रार्थना की।
इस वजह से पहले नहीं हो पाया था रेस्क्यू
बता दें कि शुक्रवार की सुबह करीब पांच बजे माउंट त्रिशूल कैंप-3 में एवलांच आने के बाद भारतीय नौसेना के पांच सदस्य और एक शेरपा लापता हो गए थे।
यह दल माउंट त्रिशूल फतह करन के लिए 15 दिन पहले निकला था। घटना की सूचना मिलने पर उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से तीन सदस्यीय दल रेस्क्यू के लिए शुक्रवार को ही रवाना हो गया था।
शुक्रवार को जोशीमठ में मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू शुरू नहीं हो पाया था।
Published on:
3 Oct 2021, 1:42 PM IST
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