
नई दिल्ली। उत्तराखंड ( Uttarakhand ) में माउंट त्रिशूल ( Mount Trishul ) क्षेत्र में हिमस्खलन के कारण लापता हुए भारतीय नौसेना ( Indian Navy ) के जवानों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
अब लापता पांच जवानों की तलाश के लिए कश्मीर की हाई एल्टीट्यूड एक्सपर्ट टीम बुलाया गया है। ये टीम इन लापता जवानों का पता लगाएगी।
घटना स्थल का हवाई मुआयना किया
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार के बाद एक बार फिर शनिवार की सुबह राहत-बचाव टीम की ओर से हिमस्खलन वाली जगह का हवाई मुआयना किया गया।
इस दौरान देखा गया कि घटना स्थल बेहद ऊंचाई पर स्थित है। यही वजह है कि आम रेस्क्यू टीम जवानों की तलाश आसानी से नहीं कर पाएगी, ऐसे में कश्मीर की हाई एल्टीट्यूड एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है।
ये टीम ऊंचाई वाले और पहाड़ी इलाकों में खोज के लिए विशेष रूप से ट्रेंड की जाती है। इस टीम के सदस्य विशेष तौर पर ऐसी घटनाओं के बाद सर्च अभियान को अंजाम देते हैं।
माउंट त्रिशूल क्षेत्र में हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हुए नौसेना के पर्वतारोहियों दल की तलाश में सेना ने राहत-बचाव ऑपरेशन शनिवार को दोबारा शुरू किया। इससे पहले जोशीमठ में मौसम खराब होने की वजह से राहत-बचाव टीम आगे नहीं बढ़ पाई थी।
शुक्रवार को घटना की सूचना के बाद दल की तलाश में उत्तरकाशी से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) का तीन सदस्यीय दल रवाना हो गया था।
निम की टीम के मुताबिक लापता हुए दल में नौ सेना के पांच सदस्य और एक शेरपा शामिल हैं।
निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि राहत-बचाव टीम में निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट, प्रशिक्षक दीप शाही व सौरभ रौतेला शामिल हैं।
Published on:
2 Oct 2021, 5:28 PM IST
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