1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिवाली से पहले महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की जांच तेज, मिलावट करने वालों पर होगी कार्रवाई, तुकाराम मुंडे ने दी जानकारी

विमल पान मसाला मामले में महाराष्ट्र FDA ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। आयुक्त तुकाराम मुंडे ने चार अधिकारियों के निलंबन और त्योहारी सीजन में जांच तेज करने की जानकारी दी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anurag Animesh

•

Updated: 1 Nov 2026, 6:57 PM IST

Tukaram Munde order

खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंडे(फोटो-ANI)

Maharashtra Food and Drug Administration: महाराष्ट्र में विमल पान मसाला विवाद को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा है कि संबंधित पक्ष के हाई कोर्ट जाने के बावजूद विभाग ने मामले में निर्णयन (Adjudication) की कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी। मुंडे ने कहा कि विभाग इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे बढ़ेगा। संबंधित पक्ष की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर किए जाने से विभाग की कार्रवाई नहीं रुकेगी।

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की जांच तेज


त्योहारी सीजन में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए FDA ने विशेष अभियान शुरू किया है। तुकाराम मुंडे के मुताबिक, उन्होंने दिवाली सहित सभी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) से जुड़े आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने 21 दिन पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। अब खुदरा विक्रेताओं, थोक कारोबारियों, डीलरों और अन्य खाद्य कारोबारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज की जाएगी।

मुंडे ने कहा कि किसी भी कारोबारी को नियमों का उल्लंघन करने की छूट नहीं दी जाएगी। घटिया, असुरक्षित या गलत लेबल वाले खाद्य उत्पादों का उत्पादन, भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

चार अधिकारियों को किया गया निलंबित


तुकाराम मुंडे ने पुराने तंबाकू उत्पादों से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक खाद्य कारोबारी ने इस मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जांच के दौरान सामने आया कि विभाग के कुछ अधिकारी एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में गए थे, लेकिन वहां जाने से पहले संबंधित प्राधिकरण से जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। मुंडे के अनुसार, अधिकार क्षेत्र से जुड़े नियमों के उल्लंघन और प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने के कारण संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इनमें एक संयुक्त आयुक्त समेत चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले मालेगांव मामले में भी पांच खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (FSO) को निलंबित किया गया था।

लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस


FDA आयुक्त ने कहा कि सरकार और विभाग की नीति स्पष्ट है। ड्यूटी में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के साथ-साथ जिम्मेदारी में चूक करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।