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पत्नी की लाश को कंधे पर लेकर जा रहा था बेबस शख्स, फिर पुलिस ने जो किया, जीत लेगा आपका दिल

गरीबी, आदमी का मजाक बनाती है। पैसे की कमी से एक व्यक्ति अपनी पत्नी का इलाज नहीं करा सका। और वह उसके शव को कंधे पर लद कर अकेले ही 125 किमी सफर पर निकल पड़ा। पर थका गया। और मदद की आस देखने लगा। फिर उसकी जिसने मदद की आप सोच नहीं सकते... जानेंगे तो वाह-वाह कहेंगे।
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नई दिल्ली

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 9 Feb 2023, 3:58 PM IST

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पत्नी की लाश को कंधे पर लेकर जा रहा था बेबस शख्स, फिर पुलिस ने जो किया, जीत लेगा आपका दिल

देश के अलम्बरदार लगातार विकास के दावे कर रहे हैं। पर आज भी पैसे की कमी से इलाज नहीं हो पा रहा है। और अगर किसी तरह से सरकारी अस्पताल में भर्ती मिल भी जाती है तो वहां भी धन की कमी का रोना सामने आता है। आम आदमी मुसीबतों में घिरा हुआ है। पर इस बीच कभी-कभी कोई मदद का हाथ सामने आता है तो जनता उसको शाबासी देने में पीछे नहीं रहती है। ओडिशा का एक आदिवासी अपनी पत्नी का इलाज करने में जब असमर्थ हो जाता है तो वह बीमार पत्नी को घर ले जा रहा था। रास्ते में पत्नी ने अपने पति के हाथों में प्राण त्याग दिए। पैसे की कमी की वजह से उस आदिवासी व्यक्ति ने अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर चार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। पर जब वह थक गया तो उसने शव वहीं जमीन पर रख दिया। उसे 125 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी। कैसे तय करें इस सोच में था। तभी पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल उसकी पत्नी के शव को उसके घर भिजवाने की व्यवस्था की। जिसने भी इस घटना को जाना उसने ही आंध्र प्रदेश की पुलिस के कार्य को सराहा। #AndhraPradeshPolice @APPOLICE100

पैसे की कमी से इलाज न हुआ

इस कहानी की बुनावट ओडिशा के कोरापुट जिले के सुरदा गांव से शुरू होती है। सामुलु अपनी बीमार पत्नी गुरु (30 वर्ष) को इलाज के लिए विशाखापट्टनम लेकर आया था। इलाज का खर्च वहन करने में असमर्थ सामुलु ऑटो-रिक्शा में वापस घर जा रहा था। रास्ते में महिला की हालत और बिगड़ गई और उसने विजयनगरम जिले के रामावरम पुल के पास ऑटो-रिक्शा में दम तोड़ दिया। जिसके बाद ऑटो रिक्शा चालक ने वाहन रोक दिया और उस व्यक्ति को शव के साथ नीचे उतरने को कहा।

सिर्फ चार किमी ही तय कर सका दूरी

अब बेबस आदिवासी सामुलू के पास अपनी पत्नी गुरु (30) के शव को गांव ले जाने के लिए पैसे नहीं थे, जिसके चलते उसने शव को अपने कंधे पर रख पैदल चलने लगा। उसे 125 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी। पर अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर सिर्फ चार किलोमीटर से अधिक की दूरी ही तय की।

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किसी ने पुलिस को दी सूचना

वह पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर नेशनल हाइवे पर चल रहा था, लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए नहीं रुका। किसी ने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। सूचना पर गैंट्याडा पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर तिरुपति राव और सब-इंस्पेक्टर किरण कुमार रामावरम मौके पर पहुंचे।

पुलिस टीम ने एम्बुलेंस की व्यवस्था की

पुलिस अधिकारी ने सामुलु से बात की, सभी विवरण एकत्र किए, उसे खाना और पानी दिया और शव को उसके गांव ले जाने के लिए एक एम्बुलेंस की व्यवस्था की। पुलिस अधिकारियों ने आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए ओडिशा में अपने समकक्षों को भी सूचित किया। विजयनगरम की पुलिस अधीक्षक दीपिका पाटिल और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों के मानवीय भाव की सराहना की।

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