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निर्वाचन आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कांग्रेस बोली- 13 करोड़ लोगों का वोटिंग अधिकार छीना गया

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता वाले निर्वाचन आयोग के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है।
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भारत

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kamlesh sharma

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Oct 05, 2026

Vivek Tankha

Vivek Tankha (Photo-IANS)

नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता वाले निर्वाचन आयोग के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को जिस मामले की सुनवाई कर रहा है, देश में लोग भी इसी मुद्दे पर न्याय चाहते हैं।

तन्खा ने कहा कि देश में ऐसा माहौल बन गया है कि निर्वाचन आयोग और विशेष रूप से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गंभीर गलतियां की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के एजेंट की तरह काम किया है और कानून में मान्यता नहीं रखने वाली प्रक्रिया शुरू की गई है।

13 करोड़ लोगों को मताधिकार से वंचित करना अभूतपूर्व

विवेक तन्खा ने कहा कि करीब 13 करोड़ लोगों को मताधिकार से वंचित किया गया है, जो अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेदों से जुड़ी खबरों के आधार पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों को सुनेगा। उनके मुताबिक, याचिका का आधार समाचार रिपोर्ट और व्यक्तिगत जानकारी है, इसलिए अदालत के लिए दूसरे पक्ष को सुनना जरूरी होगा।

पूरी एसआईआर प्रक्रिया रद्द हो

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। सरकार ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उन्हें राष्ट्रविरोधी घोषित करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति से मतदान का अधिकार छीनना उसके जीने के अधिकार को छीनने के बराबर है।