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नीमच में बादाम समझ खाए आठ बच्चों ने रतनजोत के बीज, तबीयत बिगड़ी

मलखेड़ा पंचायत के दंतोली गांव की घटना, प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर, एक बच्चा आईसीयू में, रतनजोत के बीज बादाम समझकर खा लिए, आठ बच्चों की बिगड़ी तबीयत
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Ratanjot seeds, almonds, cashews, health deteriorated Neemuch breaking

मलखेड़ा पंचायत के दंतोली गांव की घटना, प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर, एक बच्चा आईसीयू में, रतनजोत के बीज बादाम समझकर खा लिए, आठ बच्चों की बिगड़ी तबीयत

नीमच. मनासा तहसील की मालखेड़ा पंचायत के दांतोली गांव में सोमवार दोपहर उस समय हडक़ंप मच गया, जब कुछ बच्चों ने गलती से रतनजोत के बीज बादाम समझकर खा लिए। बीज खाने के कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगडऩे लगी। परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए मनासा के शासकीय चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

प्रारंभिक उपचार के बाद सभी बच्चों को बेहतर चिकित्सा निगरानी के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार दांतोली गांव के करीब आठ बच्चों ने रतनजोत के बीज खा लिए थे। इनमें युवराज पिता श्रवण, रुचिका पिता श्रवण, रिया पिता राहुल, रणबीर पिता राहुल, जोधा पिता राहुल, तमन्ना पिता राहुल और रोशनी पिता दलसिंह सहित अन्य बच्चे शामिल हैं। बच्चों ने बीजों को बादाम समझकर खा लिया था, जिसके बाद अचानक उनकी तबीयत खराब होने लगी।

मनासा अस्पताल में प्राथमिक उपचार
बच्चों को मनासा के शासकीय चिकित्सालय पहुंचाए जाने के बाद चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उनका उपचार शुरू किया। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. साजिद अंसारी ने बताया कि अस्पताल में बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए सभी बच्चों को आगे के उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।

एक बच्चे की हालत गंभीर, आईसीयू में उपचार जारी
जिला चिकित्सालय में बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जारी है। वर्तमान स्थिति में एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे आईसीयू में रखा गया है, जबकि अन्य बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है और चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार जारी है।

विशेषज्ञों की निगरानी में सभी बच्चे
घटना के बाद बच्चों के परिजनों में चिंता का माहौल रहा। हालांकि, बच्चों को समय रहते अस्पताल पहुंचाने और तत्काल उपचार मिलने से स्थिति को संभालने में मदद मिली। चिकित्सक बच्चों की लगातार निगरानी कर रहे हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना के बाद गांव में भी रतनजोत के बीजों को लेकर लोगों में जागरूकता की जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों ने बीजों को बादाम समझकर खा लिया, जिसके कारण यह स्थिति बनी। विशेषज्ञों की निगरानी में सभी बच्चों का उपचार जारी है।