
दिल्ली: दो दिन के अंदर 36 गायों ने गौशाला में तोड़ दम, जांच में जुटी पुलिस
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दो दिन के अंदर एक गौशाला में 36 गायों की अचानक मौत से सनसनी फैल गई है। दरअसल दिल्ली के चावला इलाके में स्थिति आचार्य सुशील गौशाला में बीते दो दिनों के अंदर 36 गायों की मौत हो गई। इस मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा भड़क गया है। हालांकि अब दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार ने जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि सूचना पाकर गौशाला पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है कि आखिर एक साथ इतने गायों कि मौत कैसे हुई। क्या इसके पीछे कोई साजिश है या फिर प्राकृतिक तौर पर गायों की मौत हुई है। इन सबके बीच डॉक्टरों की एक टीम भी गौसाला पहुंची है जो इस बात का पता कर रही हैं कि गायों की मौत किसी बीमारी के कारण हुई है या फिर किसी अन्य वजह से। फिलहाल डॉक्टरों की पूरी टीम गौशाला में ही मौजूद हैं।
इन सबके बीच दिल्ली के चावला क्षेत्र में स्थित आचार्य सुशील गौशाला में कार्य करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि बीते दो दिनों से पानी का पंप खराब है। इस संबंध में अधिकारियों से बात भी की गई लेकिन किसी ने नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि हमलोगों से जहां तक संभव हो पाया है उतना अच्छा करने का प्रयास किया है।
गांव वालों ने गौशाला प्रबंधन पर लगाया आरोप
आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुरूआती जांच पड़ताल के बाद डॉक्टरों का कहना है कि संभवतः गायों की मौत किसी बीमारी के कारण हुई है। हालांकि अभी जांच-पड़ताल जारी है। दूसरी तरफ स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून का सीजन आ चुका है और देशभर में भारी बारिश हो रही है। राजधानी दिल्ली में भी बीते कई दिनों से भारी बारिश हो रही है लेकिन इस के बावजूद भी प्रशासन की ओर से गौशाला में कोई उचित प्रबंधन नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गायों की मौत किसी बीमारी के कारण नहीं बल्कि प्रबंधन की लापरवाही से मरी है क्योंकि गौशाला में गायों की रखरखाव ठीक से नहीं होती है।
इससे पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
आपको बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है जहां पर एक साथ इतने गायों ने दम तोड़ा हो। इससे पहले अलीराजपुर जिले के गौशाला में भी गायों की मौत की खबर आई थी। कुछ दिनों पहले नानपुर में गोपाल गौशाला में दो दिन के भीतर 25 गायों की मौत हो गई थी। हालांकि भी इस मामले की जांच चल रही है। जबकि डॉक्टरों की एक टीम ने जांच पड़ताल के बाद कहा था कि फूड प्वाइजनिंग के कारण ही गायों की मौत हुई है। कुछ इसी तरह का मामला अब यहां भी सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि गौशाला को चलाने के लिए सरकार की ओर से अनुदान मिलता है, लेकिन उसके बाद भी गायों को गंदगी में रखा जाता है और उनके खाने की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी घटना हुई थी जहां पर करीब 250 गायों की मौत हो गई थी जिसके बाद राजनीति गरमा गई थी।
Updated on:
27 Jul 2018, 7:33 PM IST
Published on:
27 Jul 2018, 5:45 PM IST
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