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Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के PG-हॉस्टलों की होगी सुरक्षा जांच, सुप्रीम कोर्ट में उठी मांग

Satya Niketan Latest News: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के PG, निजी हॉस्टल और छात्र आवासों की सुरक्षा जांच की मांग उठी है। MCD ने भी इमारतों के निरीक्षण के आदेश दिए हैं।
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नई दिल्ली

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Imran Sheikh

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Updated: 8 Sep 2026, 11:27 AM IST

Satya Niketan News

दिल्ली में PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की गई। (फोटो सोर्स-ANI)

Delhi Hostel Safety: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद राजधानी में PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास चल रहे PG, हॉस्टल और छात्र आवासों की सुरक्षा जांच कराने की मांग सुप्रीम कोर्ट में उठी है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ वकील अजीत कुमार सिन्हा ने अदालत में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। इसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई समिति को दिल्ली में ऐसे सभी PG और निजी हॉस्टलों का निरीक्षण करने और उनकी सुरक्षा का ऑडिट कराने का निर्देश देने की मांग की है।

इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल हो रही इन इमारतों की हालत कैसी है और वहां सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद हैं या नहीं। खास तौर पर कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास चल रहे छात्र आवासों की जांच पर जोर दिया गया है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ी चिंता

सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद राजधानी की पुरानी और कमजोर इमारतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए अब उन जगहों की सुरक्षा जांच की मांग की जा रही है जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

MCD ने भी दिए जांच के आदेश

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी हादसे के बाद अपने सभी जोन में इमारतों की जांच शुरू करने का फैसला किया है। निगम ने बिल्डिंग विभाग के कार्यकारी इंजीनियरों को अपने-अपने इलाके की इमारतों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों को जांच के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार करके 10 सितंबर तक जमा करनी होगी। MCD के मुताबिक, जांच से जुटाई गई जानकारी के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस जानकारी को दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में भी शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह हलफनामा करीब 10 दिन के भीतर दाखिल किया जाना है।

बड़े अधिकारी रखेंगे नजर

MCD ने यह भी कहा है कि जांच की पूरी प्रक्रिया पर संबंधित जोन के अतिरिक्त आयुक्त नजर रखेंगे। यानी सिर्फ इंजीनियरों की रिपोर्ट तैयार होने तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी भी इसकी निगरानी करेंगे।

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर अदालत और प्रशासन दोनों स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। अब खास नजर उन PG और निजी हॉस्टलों पर है, जहां कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र बड़ी संख्या में रहते हैं।

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