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दिल्ली में वामपंथी दलों का मानव श्रृंखला प्रदर्शन, SIR रद्द करने की मांग; बोले- ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

Delhi SIR Protest: दिल्ली में CPI और CPI(M) ने SIR में कथित अनियमितताओं के खिलाफ मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। वामपंथी दलों ने SIR रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। CPI ने 1 नवंबर को बड़ी रैली करने का भी ऐलान किया।
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नई दिल्ली

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Imran Ansari

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Updated: 27 Oct 2026, 3:20 PM IST

Delhi SIR Protest

दिल्ली में वामपंथी दलों का मानव श्रृंखला प्रदर्शन, फोटो सोर्स- IANS

Gyanesh Kumar Resignation: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग की।

यह प्रदर्शन SIR के खिलाफ जारी आंदोलन का हिस्सा था। CPI सांसद पी. संदोश कुमार ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी और विरोध मार्च सहित अन्य कार्यक्रम भी जारी रहेंगे।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

CPI के महासचिव डी. राजा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लोगों को विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर का स्थान फिर से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल किया जाना जरूरी है। CPI नेता एनी राजा ने भी SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस प्रक्रिया को रोकना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए।

चुनाव आयोग के हलफनामे पर भी उठाए सवाल

इससे पहले CPI सांसद पी. संदोश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे पर सवाल उठाए। यह हलफनामा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग के फैसले के संदर्भ में था। कुमार ने आरोप लगाया कि तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिया गया फैसला होने से उसकी वैधता पर उठने वाले सवाल खत्म नहीं हो जाते। उन्होंने दावा किया कि SIR का फैसला स्वीकार्य नहीं है और यह मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 का उल्लंघन करता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि SIR की जरूरत क्यों पड़ी और फॉर्म-6 में बदलाव करने का निर्देश किसने दिया।

कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अपने फैसलों से जुड़ी कार्यवाही का पूरा विवरण पेश नहीं किया। उन्होंने इसे ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश बताया। ये आरोप CPI सांसद ने लगाए हैं; इन्हें अदालत या चुनाव आयोग की ओर से स्थापित निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।