
सीमापुरी इमारत हादसा (Photo: IANS)
Seemapuri Building Collapse Rescue Operation: राजधानी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में चार मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 घायल लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मलबे में बच्चे के शरीर के कुछ हिस्से मिलने की भी बात सामने आई है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर एक से दो और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
जिलाधिकारी (DM) अजय कुमार ने बताया कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। करीब 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है और बाकी 25 फीसदी मलबा हटाने में अभी करीब 4 से 5 घंटे और लग सकते हैं। बचाव दल कल से लगातार बिना किसी बड़े ब्रेक के काम कर रहे हैं।
डीएम के मुताबिक, हादसे में केवल इमारत में रहने वाले लोग ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि सड़क से गुजर रहे लोगों के भी मलबे में दबे होने की आशंका है। इमारत सड़क के बिल्कुल कोने पर स्थित थी और उसके गिरने के बाद मलबा सड़क तक फैल गया।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि सड़क से गुजर रहा कोई व्यक्ति भी मलबे की चपेट में आया है या नहीं। बचाव दल बेहद सावधानी से मलबा हटाकर संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी में हादसे की एक अहम वजह सामने आई है। डीएम अजय कुमार के मुताबिक, पास की इमारत में कथित तौर पर कुछ अवैध निर्माण किया गया था, जिसकी शिकायत भी की गई थी।
बताया गया कि संबंधित इमारत के मालिक ने अवैध हिस्से को खुद हटाने की बात कही थी। इसके बाद पिछले 3-4 दिनों से वाइब्रेटिंग मशीनों की मदद से अवैध निर्माण तोड़ने का काम चल रहा था। आशंका है कि इसी दौरान हुए कंपन के कारण पास की कमजोर इमारत की संरचना प्रभावित हुई और वह ढह गई।
हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
डीएम ने बताया कि हादसे का शिकार हुई इमारत का क्षेत्रफल महज 22 से 25 वर्ग गज के आसपास था। ऐसी छोटी जगहों पर बनी कई पुरानी इमारतों की दीवारें बेहद पतली होती हैं और आसपास की इमारतें एक-दूसरे का सहारा लेती हुई दिखाई देती हैं।
उन्होंने कहा कि इन छोटे प्लॉटों पर बनी संरचनाओं में अक्सर स्वतंत्र रूप से खड़े रहने के लिए पर्याप्त मजबूत पिलर और कॉलम नहीं होते। ऐसे में एक इमारत की संरचना कमजोर होने पर उसका असर आसपास की इमारत पर भी पड़ सकता है।
प्रशासन को आशंका है कि आसपास की इमारत में चल रहे तोड़फोड़ के काम के कारण किसी एक संरचना में कमजोरी आई और उसका असर हादसे वाली इमारत पर पड़ा। हालांकि, यह फिलहाल केवल प्रारंभिक आकलन है।
डीएम अजय कुमार ने कहा कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच की जा रही है। अवैध निर्माण, तोड़फोड़ के दौरान इस्तेमाल की गई मशीनरी और इमारत की संरचनात्मक स्थिति समेत सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
Updated on:
08 Oct 2026 11:25 am
Published on:
08 Oct 2026 10:32 am
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