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राधिका यादव हत्याकांड को पुलिस ने बताया ‘ओपन एंड शट केस’, अभी भी सुलग रहे कई सवाल

Radhika Yadav Murder Case: गुरुग्राम पुलिस ने टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड में पुलिस चार्जशीट लगाने की तैयारी में है। पुलिस इसे ‘ओपन एंड शट केस’ मान रही है, लेकिन हत्या के पीछे की गहराई अब भी सवालों के घेरे में है।
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नई दिल्ली

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Vishnu Bajpai

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Updated: 14 Jul 2025, 11:09 AM IST

Radhika Yadav Murder Case: टेनिस खिलाड़ी राधिक यादव हत्याकांड को पुलिस ने बताया 'ओपन एंड शट केस', अभी भी सुलग रहे कई सवाल

टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड। (फोटोः सोशल मीडिया)

Radhika Yadav Murder Case: दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर 57 सुशांत लोक इलाके में 11 जुलाई को की गई टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड में पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। पुलिस का कहना है कि यह एक ‘ओपन एंड शट केस’ है। इसमें अपराधी की पहचान, जुर्म का साक्ष्य और भौतिक गवाही के आधार पर पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी। हालांकि अभी इस मामले में कई सवाल सुलग रहे हैं। जिसका जवाब नहीं मिला है।

दरअसल, हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर 57 स्थित सुशांत लोक में 25 साल की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की उसके ही पिता दीपक यादव ने चार गोलियां मारकर हत्या कर दी। यह पूरी घटना दो मंजिला घर में उस समय घटी, जब राधिका अपनी मां के जन्मदिन के अवसर पर नाश्ता तैयार कर रही थी। जबकि घटना के समय राधिका का भाई घर से बाहर था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या सुनियोजित थी। दीपक ने पहले अपने बेटे को दूध लेने बाहर भेजा और फिर अपनी बेटी पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोलियां चला दीं।

पुलिस ने बताया 'ओपन एंड शट केस'

गुरुग्राम पुलिस ने इस केस को एक ‘ओपन एंड शट केस’ करार दिया है। जिसका मतलब है कि अपराधी की पहचान, उसका जुर्म और साक्ष्य स्पष्ट हैं। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दीपक यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और उनके पास फोरेंसिक सबूत, हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं। इसी के आधार पर पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी।

हत्या के पीछे का मकसद अब भी रहस्य

दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी राधिका हत्याकांड के असली मकसद अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस पूछताछ के दौरान राधिका के पिता दीपक यादव ने सामाजिक दबाव और व्यक्तिगत नाराजगी के चलते हत्या की बात स्वीकार की है। आरोपी का कहना है कि उसके गांव के लोग उसे बेटी की कमाई पर निर्भर बताकर ताना मारते थे। इससे वह खुद को अपमानित महसूस करने लगा था। हालांकि जब पुलिस ने दीपक से उन लोगों के नाम पूछे तो वह एक भी नाम नहीं बता सका। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसके बाद वजीराबाद गांव के 20 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी यह स्वीकार नहीं किया कि उन्होंने दीपक को उकसाया था।

सोशल मीडिया और हत्या की थ्योरी

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कई दावे और आरोप लगाए गए। राधिका की दोस्त हिमांशिका सिंह राजपूत ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट में कहा कि यह हत्या पूर्व नियोजित थी और सामाजिक दबाव की वजह से की गई। उन्होंने बताया कि राधिका पिछले 10 दिनों से परेशान थी और पिता ने तीन दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। हिमांशिका के अनुसार, राधिका के पिता पर दोस्तों का दबाव था। जो राधिका की लोकप्रियता और स्वतंत्रता से ईर्ष्या करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक यादव को बेटी की कमाई खाने का ताना सुनना पड़ता था।

राधिका के चचेरे भाई ने हिमांशिका के वीडियो पर उठाए सवाल

दूसरी ओर, राधिका के ताऊ के लड़के रोहित यादव ने हिमांशिका के वीडियो पर सवाल उठाए हैं। रोहित यादव ने बताया कि राधिका पर परिवार की तरफ से कोई बंदिश नहीं थी। अगर बंदिश होती है तो बच्चा घर से भी नहीं निकल पाता। रोहित यादव ने हिमांशिका के सभी आरोपों और दावों को सिरे से खारिज किया है। रोहित ने बताया कि उसके चाचा ने लाखों रुपये खर्च करके राधिका को विदेशों में टेनिस खेलने भेजा। पूरा परिवार हमेशा राधिका का सपोर्ट करता था। रोहित ने यह भी कहा कि चाचा पर किसी ने बेटी की कमाई खाने का ताना नहीं मारा। यह पूरी तरह निराधार है। रोहित के इस बयान के बाद राधिका के पिता दीपक यादव के बयान पर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस का सोशल मीडिया बयानों पर रुख

गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैले वीडियो और पोस्ट्स को जांच का हिस्सा नहीं बनाया गया है। संदीप कुमार ने बताया कि राधिका का इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट था और उसके केवल 69 फॉलोअर्स थे, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि वह कोई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नहीं थी। पुलिस ने सोशल मीडिया की मौजूदगी और हत्या के मकसद के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया।

व्हाट्सएप चैट में परेशानी वाली बात पर गौर नहीं

दूसरी ओर, पुलिस जांच में मिले राधिका के मोबाइल फोन की वॉट्सएप चैट से पता चला कि वह खुद को बंधनों में महसूस कर रही थी और अक्सर घर छोड़ने की बात करती थी। अपने कोच के साथ बातचीत में उसने लिखा था “जिंदगी का मजा लेना चाहती हूं, इधर कुछ पाबंदियां हैं।” दूसरे मैसेज में उसने पढ़ाई और स्वतंत्र जीवन के लिए दुबई या ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना का जिक्र किया था। इसे भी पुलिस अपनी चार्जशीट में शामिल नहीं करेगी।

चार्जशीट और आगे की कार्यवाही

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार लाइसेंसी रिवॉल्वर और चार गोलियों के खोखे बरामद कर लिए हैं। इसके साथ ही आरोपी ने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा पुलिस के पास मजबूत फोरेंसिक रिपोर्ट है। इसी सब को आधार बनाकर पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी। पुलिस के अनुसार, राधिका की मां मंजू यादव घटना के समय घर पर मौजूद थीं, लेकिन उनका नाम एफआईआर या जांच में आरोपी के रूप में सामने नहीं आया है।

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