24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर 12वें दिन भी भूख हड़ताल जारी, दीवार निर्माण को लेकर प्रशासन से गतिरोध बरकरार

Jamia Student Protest Latest News: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी है। चुनाव की तारीख और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर छात्र-प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Imran Sheikh

•

Updated: 24 Oct 2026, 9:44 AM IST

Jamia News Today

जामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर 12वें दिन भी भूख हड़ताल जारी। (फोटो सोर्स-IANS)

Jamia News Today: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन 12वें दिन भी जारी है। छात्र अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच विश्वविद्यालय परिसर में गेट के पास दीवार बनाने का काम शुरू होने से विवाद और बढ़ गया है। छात्रों का आरोप है कि इससे प्रदर्शन वाली जगह तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सुरक्षा और मरम्मत से जुड़ा काम बताया है।


छात्रों की मुख्य मांग है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट यूनियन (JMISU) को फिर से बहाल किया जाए और 2026-27 सत्र के लिए चुनाव की तारीख घोषित की जाए। इसके अलावा, आंदोलन में शामिल छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने और कुछ अधिकारियों को हटाने की मांग भी उठाई जा रही है।

गेट के पास दीवार बनाने पर छात्रों ने उठाए सवाल

24 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 और गेट नंबर 10 के पास दीवार बनाने या मरम्मत का काम शुरू हुआ है। छात्र संगठनों का कहना है कि इन रास्तों का इस्तेमाल प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने के लिए किया जाता है। ऐसे में उन्हें आशंका है कि इस काम से आंदोलन में शामिल होने वाले छात्रों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है।

प्रशासन के मुताबिक, गेट के पास निर्माण का काम परिसर की सुरक्षा और मरम्मत व्यवस्था का हिस्सा है। इसे छात्र आंदोलन से जोड़ना सही नहीं है। इस तरह एक ही घटनाक्रम को लेकर छात्रों और प्रशासन का पक्ष अलग-अलग है।

प्रशासन ने बनाई समिति, लेकिन छात्र चुनाव की तारीख चाहते हैं

विवाद के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ का संविधान तैयार करने के लिए समिति बनाई है। यह समिति छात्रसंघ के पुराने ढांचे, संबंधित अदालती फैसलों और चुनाव से जुड़े नियमों पर विचार करेगी। उसे 20 दिसंबर तक संविधान का मसौदा तैयार करने को कहा गया है। छात्रों के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा के लिए भी कदम उठाए गए हैं। लेकिन छात्रों का कहना है कि केवल समिति बनाने से उनकी मांग पूरी नहीं होगी। वे चाहते हैं कि विश्वविद्यालय चुनाव का कार्यक्रम जल्द घोषित करे। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

अब आगे क्या होगा?

छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा जामिया में लंबे समय से चर्चा में है। विश्वविद्यालय में छात्रसंघ को 2006 में भंग कर दिया गया था। अब छात्र दोबारा चुने हुए प्रतिनिधियों की व्यवस्था चाहते हैं, ताकि वे विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के सामने उठा सकें।

फिलहाल भूख हड़ताल जारी है और चुनाव की तारीख को लेकर कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय की समिति छात्रों की मांगों पर क्या सुझाव देती है और प्रशासन चुनाव को लेकर कब तक कोई फैसला करता है।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग