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जुलाई 2021 ने तोड़े गर्मी के सारे रिकॉर्ड, दुनिया के इतिहास का सबसे गर्म महीना

एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2021 ने गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ (july 2021 was earth's hottest month) दिए हैं। रिपोर्ट में जुलाई 2021 को दुनिया के इतिहास का सबसे गर्म महीना बताया गया है।
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नई दिल्ली

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Nitin Singh

•

Updated: 14 Aug 2021, 2:38 PM IST

july 2021 was earth's hottest month

july 2021 was earth's hottest month

नई दिल्ली। आमतौर पर जुलाई को साल भर का सबसे गर्म महीना होता है, लेकिन इस साल जुलाई महीने ने गर्मी के कई सालों के रिकॉर्ड (july 2021 was earth's hottest month) को तोड़ दिया है। नए आंकड़ों से पता चला है कि जुलाई 2021 को दुनिया के इतिहास में अब तक के सबसे गर्म महीने के रूप में चिह्नित किया गया है। वहीं 2021 दस सबसे गर्म वर्षों में से एक है।

2021 सबसे गर्म 10 सालों में एक
यूएस नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) द्वारा जारी नए वैश्विक आंकड़ों के अनुसार जारी की गई एक रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है। NCEI के मुताबिक साल 2021 इतिहास के 10 सबसे ज्यादा गर्म साल में से एक हो सकता है। इसके साथ ही NOAA ने बढ़ती गर्मी को बढ़ते जलवायु परिवर्तन का बड़ा कारण बताया है। साथ ही यह भी कहा कि अगर इस पर नियंत्रण न किया गया तो स्थिति और भयावय हो सकती हैं।

हर साल तापमान में हो रहा इजाफा
ताजा डेटा के मुताबिक जुलाई में जमीन और महासागरों की सतह का कुल तापमान 20वीं सदी के औसत (15.8 डिग्री सेल्सियस),से 0.93 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। रिकॉर्ड रखने का काम 142 साल पहले शुरू हुआ था और उसके बाद से इस बार यह तापमान सबसे ज्यादा रहा। वहीं, साल 2016, 2019 और 2020 में यह 0.02 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था।

ग्रीनहाउस गैसों की वायुमंडलीय सांद्रता भी तोड़ रही रिकॉर्ड
विशेषज्ञों का कहना है कि 2015 के बाद से सभी साल रिकॉर्ड गर्मी रही। हर दूसरे साल ने पहले के रिकॉर्ड को टूट गया। 2020 इतिहास का दूसरा सबसे गर्म साल रहा। कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसों की वायुमंडलीय सांद्रता ने भी 2020 में रिकॉर्ड तोड़ दिया था और ऐसी संभावना है कि यह रिकार्ड भी 2021 में टूट जाएगा। अप्रैल 2021 में, वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता 416 पार्ट्स प्रति मिलियन (पीपीएम) के उच्चतम मासिक स्तर पर पहुंच गई।

एक रिपोर्ट के मुताबिक 'उच्च-उत्सर्जन की स्थिति में सप्ताहभर की चरम गर्मी, जो तीन या इससे अधिक मानक विचलन से आगे जा कर रिकॉर्ड तोड़ती है। 2021-2050 में दो से सात गुना अधिक हो जाएगी। दुनिया ने जुलाई 2021 में इसका जीवंत उदाहरण देखा। यह महीना इस बात का सबूत था कि हमारा ग्रह एक न्यू नार्मल के रूप में क्या सहन करने जा रहा है। इसकी विनाशकारिता और अप्रत्याशितता ने भयभीत कर दिया। ऐसा लगा जैसे सामान्य मौसम का अब अस्तित्व ही नहीं रहा और मौसम के भौगोलिक पहचान अप्रासंगिक हो गए हों।

जुलाई 2021 के लिए सतह की हवा का तापमान

यूरोपीयन कमीशन के कॉपरनिकस के अनुसार जुलाई 2021 'विश्व स्तर पर रिकॉर्ड तीसरा सबसे गर्म जुलाई है। जुलाई 2019 और जुलाई 2016 की तुलना में यह 0.1 डिग्री सेल्सियस से कम ठंडा रहा है। बताया गया कि जुलाई आमतौर पर विश्व स्तर पर वर्ष का सबसे गर्म महीना होता है। हालांकि, अगस्त भी कभी-कभी गर्म हो सकता है। जुलाई 2019 और जुलाई 2016 के अलावा, डेटा रिकॉर्ड में जुलाई 2021 किसी भी पिछले महीने की तुलना में वैश्विक रूप से गर्म था।

यह भी पढ़ें: इलाके में फिर तापमान पहुंचा 40 डिग्री के पार, पड़ रही भीषण गर्मी

बीते दिनों हुए एक सर्व में साल 1901 के बाद जुलाई 2021 को छठा सबसे गर्म महीना बताया गया था। आंकड़ों के अनुसार जुलाई में औसत तापमान 28.52 डिग्री सेल्सियस- सामान्य से 0.55 डिग्री अधिक था। जलवायु संबंधी ये आंकड़े मौसम विज्ञान विभाग पुणे (IMD) की तरफ से जारी किए गए हैं।


इस बार प्रायद्वीपीय भारत को छोड़ दें तो जुलाई के महीने में रातें भी काफी गर्म रही। प्रायद्वीपीय इलाके में जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। आंकड़ों पर नज़र डालें तो साल 1901 के बाद 5 में से 4 सबसे गर्म जुलाई के महीने पिछले दशक में रहे। इससे ये पता चलता है कि हाल के दिनों में औसत तापमान में खासा इज़ाफा हुआ है।