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दिल्ली में भूख से मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार ने केंद्र-राज्य सरकार को जारी किया नोटिस

दिल्ली के मंडावली में तीन बच्चियों की भूख से मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्र और दिल्ली सरकार नोटिस जारी कर कारण पूछा है।
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नई दिल्ली

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Shiwani Singh

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Updated: 26 Jul 2018, 7:54 PM IST

NHRC issued notice

दिल्ली में भूख से मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार ने केंद्र-राज्य सरकार को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में तीन बच्चियों की भूख से मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। वहीं, इस मुद्दे पर जारी राजनीति के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तीनों बहनों की मौत पर केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। एनएचआरसी ने नोटिस जारी करते हुए तीनों बच्चियों के मौत का कारण पूछा है।

क्या है मामला...

बता दें कि पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में तीन बच्चियों की भूख से मौत हो गई। वहीं, मां की हालत भी नाजुक बनी हुई है। 8 साल की शिखा, 4 साल की मानसी और 2 साल की पारुल के पिता मंगलवार से घर से बाहर खाना लाने के लिए निकले थे, जो अभी तक घर लौट कर नहीं आए हैं। वहीं, डॉक्टरों ने बताया कि तीनों बच्चियों की भूख से तड़प-तड़प कर मौत हुई है। पोस्टमार्टम में भी इस बात का खुलासा हुआ है। डॉक्टर ने अनुसार पोस्टमार्ट में सामने आया कि बच्चियों के पेट में अनाज का एक दाना नहीं था। उनका चेहरा सूखकर बंदर की तरह हो गया था। वहीं, उनके शरीर पर फैट या चर्बी का नामोनिशान नहीं था।

मौत पर राजनीति

वहीं, अब इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्मा गई है। बच्चियों की भूख से मौत के बाद उनके घर पर नेताओं का तांता लगा हुआ है। बच्चियों की मां से मिलने पहुंचे दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि भूख से मौत होना शर्मनाक है। माकन ने कहा कि दिल्लीवालियों को घर-घर राशन पहुंचाने की बात करने वाली केजरीवाल सरकार हर मामलें में फेल है।

पीड़ित परिवार के पास राशन कार्ड तक नहीं था

अजय माकन ने कहा कि पीड़ित परिवार के पास राशन कार्ड तक नहीं था। उनकी बड़ी बेटी सरकारी स्कूल में पढ़ती थी उसे मिड डे मील मिलना चाहिए था, लेकिन वह भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की योजनाए सिर्फ कागजों पर है। केजरीवाल सरकार ने आम आदमी कैंटीन भी शुरू की थी, लेकिन उनका भी जनता को फायदा नहीं मिला।

पीड़ित परिवार को दिल्ली सरकार ने दी 25 हजार की आर्थिक मदद

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस घटना पर दुख जाते हुए कहा कि भूख और भूखमरी से किसी की मौत होना हमारे लिए शर्म की बात है। इस घटना से ये साबित होता है कि सरकार के कार्यप्रणाली में कुछ ना कुछ खामिया हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को दिल्ली सरकार की तरफ से 25 हजार की आर्थिक मदद दी गई है। वहीं बच्चियों की मां को इलाज भी दिल्ली सरकरा करवा रही है। वहीं, जब पिता वापस आ जाएंगे तो उन्हें और परिवार को और आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।

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