
पंडित शिवकुमार शर्मा ने संगीत की दुनिया में महान योगदान दिया है। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को अलग उंचाई पर पहुंचाया था। भारतीय संगीत के इतिहास में नाम दर्ज करा चुके पंडित शिवकुमार शर्मा संतूर वाद्ययंत्र बजाते थे। 13 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने संतूर बजाना आरंभ कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय गायिका थीं जो बनारस घराने से संबंध रखती थीं।
आपको बता दें कि शिव कुमार शर्मा और हरि प्रसाद चौरसिया की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई बेहतीन गाने दिए। इन दोनों की जोड़ी को 'शिव-हरी' नाम से जाना जाता था। इनका सबसे फेमस गाना फिल्म 'चांदनी' का 'मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां' रहा है।
शिव-हरि की जोड़ी को फिल्मों में पहला ब्रेक यश चोपड़ा की फिल्म से मिला था। 1981 में आई फिल्म सिलसिला में इस जोड़ी ने संगीत दिया था। इकसे साथ ही उन्होंने कई संगीतकारों जैसे जैकिर हुसैन और हरिप्रसाद चौरसिया के साथ मिलकर काम किया है। उन्हें कई पुरुस्कारों से नवाजा गया। पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, पंडित शिवकुमार शर्मा जी के निधन से हमारी सांस्कृतिक दुनिया अधूरी हो गई है। उन्होंने संतूर को विश्व में पहचान दिलाई और लोकप्रिय बनाया। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा। मुझे उनके साथ अपनी बातचीत अच्छी तरह याद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ऊं शांति।
Updated on:
10 May 2022 01:52 pm
Published on:
10 May 2022 01:38 pm
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