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UPI से पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खबर, 2,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर नया नियम टला, दिवाली के बाद होगा लागू

NPCI Latest News: 2,000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI कारोबारी भुगतानों पर 0.4% शुल्क लगाने का फैसला टल गया है। NPCI के मुताबिक, नया नियम दिवाली के बाद लागू होगा। जानिए किन भुगतानों पर शुल्क लगेगा और आम लोगों को क्या राहत मिलेगी।
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UPI Charges 2026

यूपीआई पेमेंट सिस्टम। ( फोटो: पत्रिका)

UPI Charges 2026: अगर आप दिवाली पर खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं और दुकानों पर UPI से पेमेंट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। 2,000 रुपए से ज्यादा के कुछ कारोबारी UPI भुगतानों पर 0.4 फीसदी शुल्क लगाने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मुताबिक, नया नियम अब दिवाली के बाद लागू होगा। हालांकि, इसकी नई तारीख अभी तय नहीं हुई है। पहले इसे 15 अक्टूबर से लागू किया जाना था।

दिवाली के बाद क्यों लागू होगा नियम?

त्योहारों के समय बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है। छोटी दुकानों से लेकर बड़े शोरूम तक, लोग UPI से भुगतान करते हैं। ऐसे में भुगतान से जुड़ा नया शुल्क लागू करने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। NPCI ने कहा है कि नियम लागू होने की नई तारीख बाद में बताई जाएगी।

ध्यान देने वाली बात यह है कि नियम को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि फिलहाल टाला गया है। यानी आने वाले समय में कुछ चुनिंदा कारोबारी भुगतानों पर यह शुल्क लग सकता है।

2,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर कितना लगेगा शुल्क?

नए नियम के तहत कुछ कारोबारी भुगतानों पर 0.4 फीसदी शुल्क तय किया गया है। इसे एक उदाहरण से समझिए। अगर किसी दुकानदार को पात्र UPI ट्रांजैक्शन के जरिए 10,000 रुपए मिलते हैं, तो 0.4 फीसदी के हिसाब से शुल्क 40 रुपए होगा। ऐसे लेन-देन में शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपए रखी गई है।

हालांकि, सभी कारोबारों के लिए नियम एक जैसा नहीं है। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि जैसे कुछ क्षेत्रों में 2,000 रुपए से ज्यादा के पात्र भुगतान पर अलग दर रखी गई है। इसलिए हर ट्रांजैक्शन पर एक ही शुल्क लगेगा, ऐसा मानना सही नहीं होगा।

क्या आम लोगों को भी देने होंगे ज्यादा पैसे?

इस खबर के बाद कई लोगों के मन में सवाल हो सकता है कि क्या अब UPI से पैसे भेजना महंगा हो जाएगा? इसका जवाब है, नहीं, हर तरह के UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगेगा।

दोस्त या परिवार के किसी सदस्य को पैसे भेजने पर पहले की तरह कोई MDR नहीं लगेगा। दुकानदारों को 2,000 रुपए तक किए जाने वाले भुगतान पर भी इस नियम के तहत शुल्क नहीं देना होगा। तय शर्तों को पूरा करने वाले छोटे कारोबारियों को भी राहत दी गई है। सरकार के मुताबिक, करीब 96 फीसदी कारोबारी UPI ट्रांजैक्शन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।

क्या है MDR और कौन देता है यह शुल्क?

MDR वह शुल्क है, जो कुछ कारोबारी डिजिटल भुगतानों की सुविधा देने वाली भुगतान व्यवस्था से जुड़े संस्थानों को दिया जाता है। यह सरकार की ओर से लगाया गया टैक्स नहीं है। इस व्यवस्था में भुगतान से जुड़े बैंक और अन्य सेवा प्रदाता शामिल होते हैं।

फिलहाल इस फैसले से दुकानदारों को तैयारी के लिए कुछ और समय मिल गया है। ग्राहकों के लिए भी राहत की बात यह है कि सभी UPI पेमेंट पर शुल्क लगाने का फैसला नहीं हुआ है। नया नियम सिर्फ चुनिंदा कारोबारी लेन-देन पर लागू होगा। इसकी तारीख घोषित होने के बाद ही साफ होगा कि यह व्यवस्था कब से शुरू होगी।

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