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नाबालिग को मिला न्याय : बलात्कार के अभियुक्त को 20 वर्ष कठोर कारावास

विशेष न्यायालय, लैंगिक अपराधों में बालकाें का सरंक्षण कोर्ट की न्यायाधीश ने प्रकरण की सुनवाई के बाद अभियुक्त को दोषी माना, 20 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया
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बांसवाड़ा

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Ashish Bajpai

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Updated: 8 Oct 2024, 12:22 PM IST

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नाबालिग को डरा धमका कर एक माह तक बलात्कार के अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही न्यायालय ने 20 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कुशलगढ़ क्षेत्र के जोड़ा निवासी सुखलाल पुत्र हडिया के खिलाफ थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया था। पीड़ित के पिता ने रिपोर्ट में बताया था कि आरोपी ने नाबालिग को डरा धमकाकर बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया। इस के बाद भी जब भी मौका मिलता इस कृत्य को अंजाम देता रहा। पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी देता था। परिजनों को पता चला तो इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विशेष न्यायालय, लैंगिक अपराधों में बालकाें का सरंक्षण कोर्ट की न्यायाधीश तारा अग्रवाल ने प्रकरण की सुनवाई के उपरांत अभियुक्त सुखलाल को दोषी माना। अभियुक्त को 20 साल के कठोर कारावास सुनाया। 3-3 वर्ष की सजा और 20-20 हजार का जुर्माना बरकरार

अपर सेशन कोर्ट ने चोरी के आरोपियों की 3-3 साल के कठोर कारावास और 20- 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा को बरकरार रखा है। यह सजा आरोपियों को सीजेएम काेर्ट ने सुनाई थी। आरोपियों ने सजा के खिलाफ अपर सेशन कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट के अनुसार 26 जनवरी 2009 को भगवती प्रसाद गुप्ता पुत्र नाथूलाल खंडेलवाल निवासी प्रोफेसर कॉलोनी में सूने घर में चोरी की वारदात हुई थी। घर से लाखों के सोने चांदी के जेवर और 15 हजार रुपए चोरी हुए थे। कोतवाली पुलिस ने 23 जुलाई 2009 को चालान पेश किया।
https://www.patrika.com/banswara-news/father-sold-his-daughter-in-banswara-19045905
सीजेएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद पीपलवा निवासी पीरु उर्फ परमेश पुत्र गौतम, राजेश पुत्र मंगला, राका पुत्र फूलजी, रणजीत पुत्र मंगला, बिजिया पुत्र कचरिया और आशीष पुत्र रकिया को 3- 3 वर्ष की सजा और 20- 20 हजार रुपए का अर्थ दंड सुनाया गया था। अपर लोक अभियोजक गौरव उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में पीरु, राजेश, राका और रणजीत ने सीजेएम कोर्ट की सजा के खिलाफ अपील की थी। अपील को सेशन न्यायाधीश नवीन चौधरी ने खारिज कर दिया है।