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भारत की इस लड़की ने बना दिया कुछ एेसा की दुनिया मान रही लोहा

नौवीं कक्षा में पढ़ार्इ छोड़ चुकी थी ये लड़की

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नोएडा

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Nitin Sharma

Feb 25, 2018

harshita arora

सहारनपुर। अब तक लकड़ी की नक्काशी के लिए मशहूर सहारनपुर का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। लेकिन इस बार लकड़ी नहीं, बल्कि 16 साल की होनहार लड़की की वजह से एेसा हुआ है। जिसने नौवीं में स्कूल छोड़ने के बाद सेल्फ स्टडी कर एक एेसा एेप तैयार किया है। जिसका लोहा भारत ही नहीं दुनिया भर के लोग मान रहे है। भारत के वेस्ट यूपी में स्थित साहरनपुर की 16 वर्षीय हर्षिता ने आईओएस प्लेटफॉर्म पर ऑपरेट होने वाला क्रिप्टो करेंसी का ऐसा एप बनाया है जो महज एक माह में काफी पॉपुलर हो गया है। खास बात यह है कि हर्षिता का बनाया हुआ यह एप पेड एप की श्रेणी में है, बावजूद इसके यह ऐप आईओएस यूजर्स यानि आई फोन चलाने वाले यूजर्स को खासा पसंद आ रहा है और एप्पल के ग्राहक इस एप को तेजी से खरीद रहे हैं। एेसे में साफ है कि एप्पल एप स्टोर पर भारत देश के सहारनपुर जिले की रहने वाली हर्षिता का यह एप काफी हिट हो रहा है।

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1000 से अधिक क्रिप्टो करेंसी की वैल्यू बताता है यह एप

देश-दुनिया में पिछले बहुत कम समय में क्रिप्टो करेंसी का चलन बढ़ गया है। यहीं कारण है कि कहीं उजागर, तो कहीं चोरी छिपे भी लोग इन करेंसियों में इनवेस्ट कर रहे है। एेसे ही लोगों के लिए सहारनपुर की हर्षिता अरोड़ा ने इस एप को इस तरह से डिजाइन किया है कि यह एप दुनियाभर की एक हजार से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी की वैल्यू को अपडेट करता है। यानि अगर आप इस ऐप को अपने फोन में इंस्टॉल कर लेते हैं, तो आप दुनिया भर की 1000 से अधिक क्रिप्टो करेंसी की ताजा वैल्यू आैर अपडेट की जानकारी अपने मोबाइल फोन के स्क्रीन पर आसानी से ले सकते हैं। यहीं कारण है कि हर्षिता का यह एप खासा पसंद किया जा रहा है और पेड होने के बावजूद यूजर्स इसे इंस्टॉल कर रहे हैं।अब तक 1800 से भी ज्यादा लोग इस एप को फोन में डाउनलोड कर चुके है।

यह भी देखें-https://www.youtube.com/watch?v=fUPgrxCrm50

14 साल की उम्र में छोड़ दी थी पढ़ाई

हर्षिता अरोड़ा बचपन से ही कुछ अलग है। सहारनपुर के रहने वाले के एल अरोड़ा के मुताबिक हर्षिता के पिता फाइनेंसर है और उनकी मां हाउसवाइफ हैं। 14 साल की उम्र में ही हर्षिता ने पढ़ाई छोड़ दी थी। हर्षिता का कहना है कि उनके पास कॉमन कोर्स के लिए वक्त कम था। इसलिए उन्होंने 14 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी थी। हर्षिता के मुताबिक 13 साल की उम्र से ही वह डिजाइनिंग के बारे में जानने लगी थी और उन्होंने मैगजीन और इंटरनेट से काफी जानकारियां जुटा ली थी। जब उन्होंने 2016 में पहली बार बिटकॉइन के बारे में सुना तो इस करेंसी को लेकर उनके मन में जिज्ञासा हुई और उन्होंने बिटकॉइन के बाद दुनिया भर में प्रचलित अन्य क्रिप्टो करेंसी के बारे में भी पढ़ा। और उनके मन में यह आइडिया आया के एक ऐसा एप बनाया जाए जो क्रिप्टो करेंसी की अपडेट देता हाे। इसी सोच के साथ उन्होंने यह एप बनाया। जिसे अब आईओएस प्लेटफार्म पर पसंद किया जा रहा है।

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अब फूड एप बनाने की है तैयारी

देश-दुनिया में अपने नाम का लोहा मनवा चुकी हर्षिता अपने इस एप के हिट होने के बाद दूसरा एप बनाने की तैयारी में जुट गर्इ है। उन्होंने बताया कि अब वह फूड एप बनाने की तैयारी में है। हालांकि पहले से ही फूड पर कर्इ एप है, लेकिन मेरा एप सबसे अलग होगा।