
नूरपुर के बाद कैराना में भी भाजपा की हार तय, योगी और मोदी के लिए 2019 का सफर होगा मुश्किल भरा
नोएडा। 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसी के मद्देनजर 11 और 12 अगस्त को मेरठ में कार्य समिती बैठक का आयोजन हो रहा है। वहीं इस बीच भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। कारण, आम्रपाली फ्लैट्स बायर्स में सरकार द्वारा अभी तक बिल्डर के खिलाफ कोई भी करवाई और लोगों को उनके फ्लैट दिलवाने का वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है, जिसे लेकर लोगों में असंतोष और आक्रोश है। जिसके चलते बायर्स ने फिर से बड़ा विरोध-प्रदर्शन करने की तैयारियां कर दी है।
बता दें कि पिछले साल आज के दिन यानि 12 अगस्त, 2017 को आम्रपाली के सैकड़ों बायर्स ने लगातार 50 दिनों तक आम्रपाली बिल्डर के सेक्टर-62 स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस के सामने धरना-प्रदर्शन किया था। आम्रपाली बायर्स की तरफ से नेतृत्व करने वाले के.के. कौशल ने बताया की पिछले साल विरोध प्रदर्शन के दौरान योगी सरकार ने तीन मंत्रियों का एक समूह बनाया था। जिसमें यूपी सरकार के औद्योगिक मंत्री सतीश महाना, गन्ना मंत्री सुरेश राणा और शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना शामिल थे।
मंत्री समूह ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी के सीईओ, पुलिस अधिकारियों और आम्रपाली बायर्स की मौजूदगी में भरोसा दिलाया की सरकार लोगों के फ्लैट्स जल्दी दिलाने का काम करेगी। हालांकि अभी तक भी हमें हमारे घर नहीं मिले और न ही सरकार द्वारा बिल्डर के खिलाफ कोई कदम उठाया गया है। अब बायर्स का सब्र का बांध टूट रहा है और अगर सरकार अपने वादे पूरा नहीं करेगी तो फिर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार के वादों को आज एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक आम्रपाली ने एक फ्लैट भी किसी को नहीं दिया और आज भी काम बंद है। इसीलिए आम्रपाली फ्लैट्स खरीदारों के प्रतिनिधि के.के. कौशल के अलावा राहुल कश्यप, कुलदीप मुंशी, नीरज यादव, प्रेम आनंद, सतीश कुमार, हरश्याम ठाकुर, चंद्रकांत, आज़ाद, नीरज, संजीव अग्रवाल, अमित, अजय भान, दीपक और निहाल सहित तमाम फ्लैट्स खरीदारों ने सरकार के निराशजनक रवैये को लेकर नाराज हैं और बहुत जल्दी बड़ा आंदोलन सरकार के झूठे वादों के खिलाफ करेंगे।
Published on:
12 Aug 2018, 4:02 PM IST
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