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‘अटल जी’ ने अमरीका में इस अधिकारी को लगा दी थी फटकार, अब याद कर आंखें हुईं नम

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के निधन के बाद देश में शोक की लहर।
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 17 Aug 2018, 5:55 PM IST

atal bihari vajpayee

'अटल जी' ने अमरीका में इस अधिकारी को लगा दी थी फटकार, अब याद कर आंखें हुईं नम

ग्रेटर नोएडा। पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की सुरक्षा में 1999 से 2004 तक तैनात रहे सीआरपीएफ के डीआइजी सुनील जून उनसे जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को सरल ह्रदय और महान व्यक्तित्व का धनी बताते हुए पुरानी यादों को ताजा किया। सुनील जून ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा जनता से नजदीकी चाहते थे। जनता को देखकर वह उनसे मिलने जुलने का कोई मौका खोना नहीं चाहते थे।

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वह हमेशा कहते थे कि लोगों से मिलकर मुझमें ऊर्जा का संचार होता है। जब भी उनके सुरक्षाकर्मी लोगों को पास आने से रोकते थे तो वह नाराज हो जाते थे। वह कहते थे कि ये मेरे अपने हैं, मुझे इनसे कोई खतरा नहीं हो सकता। मेरे अपने लोगों को मुझसे मिलने से मत रोक, इन्हें मेरे पास आने दो। मुझे उन्होंने कई बार डांटते हुए कहा था कि सुनील तुम लोगों को क्यों रोकते हो। उन्होंने जनता को हमेशा सम्मान दिया और जीवन में सर्वोपरि रखा। पूर्व प्रधानमंत्री की अमरीका यात्रा की योदों को ताजा करते हुए सुनील जून ने बताया कि मैं सुरक्षा के लिए अटलजी का साया बनकर हमेशा उनके साथ रहता था। जब हम अमरीका पहुंचे तो वहां बसे भारतीय उनसे मिलने के लिए उत्साहित थे। अटल जी को देखकर वह उनसे मिलने के लिए बढ़े, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से हमने उन्हें रोक दिया तो अटल जी ने सबके सामने हमें डांटते हुए कहा कि अरे ये हमारे लोग हैं। इन्हें मेरे पास आने दो और बाद में वह उन लोगों से खुलकर मिले।

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इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी 1996 में दादरी भी आए थे। उन्होंने विधान सभा चुनाव में दादरी से भाजपा प्रत्याशी नवाब सिंह नागर के समर्थन में मिहिर भोज कालेज में जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान मिहिर भोज कालेज में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बची थी। दादरी में पहली बार किसी नेता की सभा में इतनी अधिक भीड़ उमड़ी थी। उन्होंने अपने भाषण से जनता में ऐसी अमिट छाप छोड़ी कि चुनाव का पासा ही पलट गया।

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प्रचार के दौरान तीसरे नंबर पर चल रहे भाजपा प्रत्याशी नवाब सिंह नागर 21 हजार वोटों से चुनाव जीत गए और दादरी सीट पर पहली बार कमल खिला। अटल जी की सभा का ही नतीजा रहा कि आजादी के बाद पहली बार भाजपा ने दादरी में परचम लहराते हुए जीत हासिल की। इससे पहले दादरी में कांग्रेस और जनता दल का दबदबा रहता था।