
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आ रहे हैं। इसे लेकर सीएम योगी भी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं और इसकी गाज जिलाधिकारी बी.एन सिंह और सीएमओ डॉ अनुराग भार्गव पर गिर चुकी है। इस सबके बीच स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि इसके चलते चार लोगों में कोरोना वायरस फैल गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 16 मार्च को सेक्टर 135 स्थित सीजफायर कंपनी के एक कर्मचारी में कोरोना वायरस के लक्षण मिले थे। जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा आठ दिनों तक सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में क्वारंटीन में रखा गया था। हालांकि बाद में इसकी जांच रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने उसे डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। लेकिन, इसके कुछ दिनों बाद ही उसके परिवार के 4 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे फिर से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया।
मामला ग्रेनो वेस्ट की पाम ओलंपिया सोसायटी का है, जहां गत बुधवार को टावर 10 में रहने वाले एक ही परिवार के 4 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। इनमें एक बुजुर्ग समेत दो महिला और 2 बच्चे शामिल हैं। इनके परिवार का एक सदस्य सेक्टर 135 की सीजफायर कंपनी में ही काम करता है। उसका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने 16 मार्च को कोरोना के लक्षण दिखने पर उसे 8 दिन तक क्वारंटीन में रखा था और फिर फिर घर भेज दिया था। इसके परिवार के चार लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि बुधवार को हुई। जिसके बाद उसे और उसके पिता को भी आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किया गया है।
गौरतलब है कि अभी तक जिले में 48 मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है। ज्यादातर केस सीजफायर कंपनी के कर्मचारियों के सामने आए हैं। जिसके बाद प्रशासन द्वारा कंपनी को सील भी कर दिया गया है। इन सभी मरीजों को नोएडा के चाइल्ड पीजीआई और कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं अभी तक जिले में छह लोग ठीक भी हो चुके हैं।
Updated on:
03 Apr 2020 02:50 pm
Published on:
03 Apr 2020 02:48 pm
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