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शस्त्र लाइसेंस पर रोक हटते ही दौड़ में आगे आए युवा, भीड़ में सक्रिय हुए ये लोग ले रहे हैं बनवाने का ठेका!

आवेदन के लिए हर दिन पहुंच रहे इतने लोग
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नोएडा

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Nitin Sharma

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Updated: 4 Nov 2018, 4:05 PM IST

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शस्त्र लाइसेंस पर रोक हटते ही दौड़ में आगे आए युवा, भीड़ में सक्रिय हुए ये लोग ले रहे हैं बनवाने का ठेका!

ग्रेटर नोएडा।पिछले काफी समय से शस्त्र लाइसेंस बनने पर लगी रोक हटते ही नये शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों की होड़ लग गर्इ है।इनमें सबसे आगे युवा शामिल है।इतना ही नहीं आकड़ों के अनुसार पिछले पद्रह दिनों में जिले में करीब एक हजार से भी ज्यादा लोग शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं।उधर लोगों की माने तो कलेक्ट्रेट के आसपास दलाल भी सर्क्रिय हो गये है।जो लाखों रुपये में शस्त्र लाइसेंस बनवाने का दावा कर रहे हैं।

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लाइसेंस की प्रक्रिया हुर्इ शुरू

कलेक्ट्रेट में शस्त्र विभाग के असलहा बाबू अरविंद कुमार ने बताया कि नए लाइसेंस की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू हुई है। इसके बाद से ही कलेक्ट्रेट में आवेदन प्रक्रिया की पूछताछ के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। उन्होंने बताया कि एक हजार से ज्यादा फॉर्म आ चुके है।उम्मीद है कि दिवाली तक इनकी संख्या 1500 से अधिक फॉर्म जमा हो जाएंगे।आवेदकों में ज्यादातर युवा हैं।जिनकी उम्र 23 साल से लेकर 40 साल के बीच है।

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दलाल ले रहे हैं ठेका

जिले के कर्इ सेक्टरों में हार्इ प्राेफाइल लोग रहते है। एेसे में शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लोगों में खासा क्रेज है। एेसे में लोगों द्वारा किसी भी सुरत में लाइसेंस बनवाने की दावे पर कुछ लाेग उन्हें भरौसा दिला रहे है कि वह उनका काम करा देंगे। इसके बदले उनसे अच्छी खासी मोटी रकम मांगी जा रही है। एेसे में कुछ दलाल सक्रिय हो गए हैं। एक शख्स राहुल ने बताया कि वह शस्त्र लाइसेंस लेने के लिए कलेक्ट्रेट पर आए थे। इसी दौरान उनकी कलेक्ट्रेट के पास दो लोगों से मुलाकात हुर्इ। उन्होंने राहुल को बताया कि वह चार लाख रुपये लाइसेंस बनवा देंगे। इसके लिए सारी प्रक्रिया वह खुद कर लेंगे। लेकिन लाइसेंस बनने से पहले एडवांस 50 हजार रुपये जमा करने की मांग की।

इन लोगों का प्राथमिकता पर बनेगा शस्त्र लाइसेंस

अधिकारियों की माने तो कुछ लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें अपराध पीड़ित, विरासत, व्यापारी, उद्यमी, बैंक संस्थागत, वित्तीय संस्थान, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं। उन्हें आर्म्स लाइसेंस के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इनके अलावा सैनिक, अर्द्धसैनिक, पुलिसकर्मी, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को भी नए लाइसेंस के लिए वरीयता दी जाएगी।