
गुरु पूर्णिमा पर इस समय करें पूजा तो होगा धन लाभ
नोएडा।इस साल अधिकमास होने से त्योहारों की पंचाग तिथि आगे बढ़ गर्इ है।यहीं वजह है कि इस बार गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई को पड़ रही है।लेकिन इस बार की गुरु पूर्णिमा बहुत ही शुभ रहेंगी।इसकी वजह सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण आैर फिर सावन की शुरूआत होना बताया जा रहा है।वहीं इस दिन सभी को अपने गुरुओं को आसन प्रदान कर अपनी श्रद्धानुसार उनकी पूजा अर्चना करके उनसे आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए।
यह समय करें गुरु की पूजा तो मिलेंगा लाभ
शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा के साथ ही इस दिन सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है।शास्त्री प्रवेश तिवारी ने बताया कि चंद्र ग्रहण रात में 11:54 से 3:49 तक रहेगा। वहीं गुरु पूर्णिमा गुरुवार रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 27 जुलाई 2018 यानि शुक्रवार की रात तक रहेगी। वहीं गुरु पूजन का मुहूर्त सुबह से शुरू होकर दोपहर तक अति शुभ है। अगर अाप अभी पढ़ार्इ कर रहे है आैर छात्र है तो सुबह सात बजे से लेकर साढ़े आठ बजे तक गुरु पूजा करना आपके लिए अति फलदायक है। वहीं नौकरी पेशा लोग सुबह 9:15 से 10:30 बजे तक गुरु की पूजा करें। वहीं व्यापारियों के 10 से 11:15 बजे तक पूजा करने सबसे ज्यादा शुभकारी है।इससे धन लाभ के योग भी बन रहे है। वैसे आप दिन दिन में किसी भी समय गुरु की पूजा कर सकते है।
इस दिन आैर इसलिए मनार्इ जाती है गुरुपूर्णिमा
शुक्रवार को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है।इसको ही गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरु पूजा का विधान है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरंभ में आती है।गुरु पूर्णिमा का यह दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्मदिन की वजह से भी मनार्इ जाती हैं।इस दिन को कुष्ण द्वैपायन व्यास के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है।यही वजह है कि उनका नाम वेद व्यास भी है।उन्हें आदिगुरु भी कहा जाता है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है।
भाग्योदय के लिए
-आर्थिक मजबूती के लिए अगर कारोबार में हानि हो रही है और वह आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं तो आज के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को पीले अनाज, पीले वस्त्र और पिली रंग की मिठाई दान करनी चाहिए।
-भाग्योदय के लिए किसी विद्वान की सहायता से शुभ मुहूर्त में गुरु यंत्र की स्थापना करें और उसका पूजन करें। गुरु दोष दूर करने के लिए जिस व्यक्ति की कुंडली में गुरु का दोष है, उसके इस दिन गुरु का ध्यान करके जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करना चाहिए।
गुरु पूर्णिमा पर क्या करें-
-प्रातः घर की सफाई, स्नानादि नित्य कर्म से निवृत्त होकर साफ-सुथरे वस्त्र धारण करके तैयार हो जाएं।
-घर के किसी पवित्र स्थान पर लकड़ी के पटिए पर सफेद वस्त्र बिछाकर उस पर 12-12 रेखाएं बनाकर व्यास-पीठ बनाना चाहिए।
फिर 'गुरुपरंपरासिद्धयर्थं व्यासपूजां करिष्ये' मंत्र से पूजा का संकल्प लेना चाहिए।
तत्पश्चात दसों दिशाओं में अक्षत छोड़ना चाहिए।
फिर व्यासजी, ब्रह्माजी, शुकदेवजी, गोविंद स्वामीजी और शंकराचार्यजी के नाम, मंत्र से पूजा का आवाहन करना चाहिए।
-अब अपने गुरु अथवा उनके चित्र की पूजा करके उन्हें यथा योग्य दक्षिणा देना चाहिए।
-इस दिन वस्त्र, फल, फूल व माला अर्पण कर गुरु को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
Published on:
26 Jul 2018 05:02 pm
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