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AC Bus Fire Case: परिजनों के ना मिलने पर बच्चे एक-दूसरे के गले से चिपट कर रोए! 9 जिंदा जले: शख्स बोला- उम्मीद है सास जिंदा हो

AC Bus Fire Case: नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर एयरपोर्ट के पास स्लीपर AC बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। बस में 35 यात्री सवार थे। 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया, जबकि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
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AC बस फायर केस अपडेट नोएडा। फोटो सोर्स- X (Sachingupta)

AC Bus Fire Case Noida: उत्तर प्रदेशके नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात बड़ा हादसा हो गया।जेवर एयरपोर्ट से करीब 500 मीटर दूर एक प्राइवेट स्लीपर AC बस में अचानक आग लग गई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई। मृतकों में 8 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। बस में कुल 35 यात्री सवार थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए बस की खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदना पड़ा। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 20 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग में झुलसने के कारण मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे उनकी पहचान करने में मुश्किल हो रही है।

जेवर एयरपोर्ट से 500 मीटर दूर हुआ हादसा

हादसा बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर एयरपोर्ट से लगभग 500 मीटर की दूरी पर हुआ। यह बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रात साढ़े 9 बजे महोबा के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती जांच के मुताबिक, बस के AC में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन में आग लगने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार ने बताया कि आग लगने के कारणों की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है।

आग लगते ही बस में मची अफरा-तफरी

हादसे के समय बस में ज्यादातर यात्री सो रहे थे। अचानक बस के अंदर धुआं भरने लगा और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़े और उनसे बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि आग तेजी से फैलने के कारण कुछ यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और वे बस के अंदर ही फंस गए।

फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के बाद फायरकर्मियों ने बस के पिछले हिस्से को काटकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद एक-एक करके शवों को बाहर निकाला गया। यात्रियों के रेस्क्यू और शवों को निकालने की कार्रवाई करीब 2 घंटे तक चली।

9 यात्रियों की मौत, शवों की पहचान में मुश्किल

बस में लगी भीषण आग में 9 यात्रियों की मौत हो गई। मृतकों में 8 पुरुष और एक महिला हैं। आग की वजह से शव बुरी तरह जल गए हैं, जिसके चलते उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। परिजनों को अपने लोगों की जानकारी के लिए अस्पतालों और पोस्टमार्टम हाउस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पुलिस की ओर से शवों की पहचान की प्रक्रिया की जा रही है।

हादसे के बाद दो घंटे बंद रहा दिल्ली-आगरा लेन

बस में आग लगने के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे की दिल्ली-आगरा लेन पर यातायात प्रभावित हुआ। हादसे के कारण यह लेन करीब दो घंटे तक बंद रही। बस पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। राहत और बचाव कार्य के दौरान पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर मौजूद रहीं।

राज कल्पना ट्रैवल्स की बस, ड्राइवर-कंडक्टर हिरासत में

हादसे का शिकार हुई बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। बस मध्य प्रदेश की है। पुलिस ने मामले में ड्राइवर पवन और कंडक्टर योगेश को हिरासत में लिया है। पुलिस हादसे के कारणों के साथ-साथ बस में सुरक्षा इंतजाम और आग लगने के बाद चालक द्वारा उठाए गए कदमों की भी जांच कर रही है।

यात्री ने लगाया आरोप- शीशे तोड़ने के बाद रोकी बस

हमीरपुर के एक यात्री ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद ड्राइवर ने तुरंत बस नहीं रोकी। यात्री के मुताबिक, बस के अंदर आग और धुआं फैलने के बाद यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद ड्राइवर ने बस रोकी। हालांकि, हादसे की पूरी वजह और ड्राइवर की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

यात्री रिंकी राजपूत ने बताया आंखों देखा हाल

बस यात्री रिंकी राजपूत ने हादसे की भयावह स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री सो रहे थे। अचानक उनकी नींद खुली तो बस में अफरा-तफरी मची हुई थी। रिंकी के मुताबिक, लोग चीख-चिल्ला रहे थे और बस के अंदर धुआं भर चुका था। उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी तरह बस से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई लोग बस के अंदर ही रह गए।

सास की तलाश में अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे प्रदीप गुप्ता

दिल्ली निवासी प्रदीप गुप्ता ने एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी सास ऊषा देवी दिल्ली से राठ जाने के लिए बस में सवार हुई थीं। उन्होंने बताया कि रात करीब 10 बजे फोन पर अपनी सास से बात हुई थी। इसके बाद ऊषा देवी ने अपने बेटे से भी बातचीत की। प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, रात करीब 11:30 से 11:45 बजे के बीच उन्हें बस हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी सास की तलाश शुरू की और कई अस्पतालों में जाकर पता किया।

उन्होंने बताया कि अब पुलिस की ओर से फोन आया है और शवों की पहचान के लिए मॉर्च्युरी में आने को कहा गया है। हालांकि, परिजन अभी भी उम्मीद जता रहे हैं कि ऊषा देवी किसी अस्पताल में भर्ती होंगी।

अपनों की तलाश में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन

हादसे के बाद कई परिवार अपने परिजनों की तलाश में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मयंक गुप्ता और सरोज गुप्ता के परिजन भी वहां पहुंचे। परिजनों को मयंक और महक के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी थी। इस दौरान परिवार के लोग एक-दूसरे से गले लगकर रोते नजर आए। हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस में अपनों की तलाश में पहुंचे परिवारों का माहौल बेहद भावुक रहा।

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