
UP Police
नितिन शर्मा, नोएडा। इन दिनों जिले में अपना बकाया वसूलने में जुटे विद्युत विभाग का उन्हीं के दूसरे सरकारी विभाग सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसका पता उन पर करोड़ों रुपये की बकाया राशि को देखकर लगाया जा सकता है। जहां एक तरफ विद्युत विभाग के अधिकारी दस हजार से ज्यादा का बिल बकाया न भरने पर घरों से लेकर सोसायटी आैर माॅल की बत्ती गुल कर चुके हैं, वहीं जिले में अपने सरकारी विभागों के सामने विवश से नजर आ रहे हैं। जिले में दर्जन से भी अधिक सरकारी विभागों पर विद्युत विभाग का करोड़ों रुपया बकाया है।
सबसे अधिक पुलिस पर बकाया
विद्युत विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, जिले के अलग-अलग करीब 12 सरकारी विभागों पर बिजली का 12.26 करोड़ रुपया बकाया है। विद्युत विभाग अपनी बकाया राशि जमा करने के लिए बार-बार सरकारी विभागों से आग्रह कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी सरकारी विभाग बिजली का बिल जमा करने के नाम पर चुप्पी साधे हुए हैं। विद्युत विभाग के अनुसार, सबसे अधिक बिजली बिल पुलिस विभाग पर बकाया है। पुलिस विभाग पर बिजली का करीब पांच करोड़ रुपया बकाया है। वहीं, प्राथमिक आैर माध्यमिक स्कूलों पर यह बिल ढार्इ करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।
इन विभागों ने नहीं दिए रुपये
जिले के कई सरकारी विभागों पर सितंबर माह तक का करीब 12 करोड़ 26 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। इनमें पुलिस विभाग पर करीब पांच करोड़ रुपये, पंचायती राज पर आठ लाख रुपये, पशुधन चिकित्सालय पर करीब ढार्इ लाख रुपये, सहकारिता समिति पर करीब साढ़े सात लाख रुपये, पीजीआई पर करीब एक करोड़ रुपये, सरकारी अस्पतालों पर 85 लाख रुपये, नगर विकास विभाग व कोर्ट पर नौ लाख रुपये बकाया हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन के राजस्व विभाग पर साढ़े चार लाख रुपये, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों पर तीन करोड़ रुपये, समाज कल्याण विभाग पर 18 लाख रुपये, व्यापार कर विभाग पर 14 लाख रुपये आैर कृषि विपणन विभाग पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये बकाया हैं।
बकाया भरने का किया जा रहा है आग्रह
विद्युत विभाग के एससी राकेश राणा ने बताया कि जिले के सरकारी विभागों पर करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का बिल बकाया है। विभाग द्वारा बकाया अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्राइवेट से लेकर सभी सरकारी विभागों से भी बकाया राशि का भुगतान करने का आग्रह किया गया है।
Published on:
07 Dec 2017 10:43 am
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