
नोएडा। सेक्टर-39 के कोरेंटाइन वार्ड में रहने वाले लोगों को रोबोट ने खाना परोसना शुरू कर दिया है। यह सुविधा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में बनाए गए कोरेंटाइन वार्ड में शुरू की गई है। रोबोट उन्हें दवाएं, खाना और अन्य सामान उपलब्ध कराता है। इसे एक विशेष सॉफ्टवेयर से चलाया जा रहा है।
दरअसल, कोविड फाइटर नाम के इस रोबोट को इंसानों की तरह प्राकृतिक नेविगेशन के साथ बनाया गया है। कोरोना के संक्रमण को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तीन रोबोट दिए गए हैं। ये रोबोट सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराए हैं। जो कोरोना के संदिग्धों और मरीजों को खाना परोसने के साथ कई काम कर रहे हैं।
फेलिक्स अस्पताल के डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि कोविड फाइटर की वर्तमान में शख्त जरूरत है। देश में चिकित्सा के क्षेत्र में पर्याप्त प्रशिक्षित जनशक्ति की कमी है और कोरोना के मरीज दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। उनके इलाज में लगे डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों को भी संक्रमित होने का जोखिम है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि कोविड फाइटर के साथ वायरस फैलने की संभावना न के बराबर हो जाती है। नर्स और अन्य चिकित्सा कर्मचारी गंभीर रोगियों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होंगे। रोबोट डॉक्टरों के लिए एक दायां हाथ साबित हो सकता है। कोविड फाइटर समग्र चिकित्सा बिरादरी के लिए वरदान से कम नहीं है। रोबोट रोगियों को दवा, भोजन और अन्य उपभोग्य सामग्रियों के वितरण के साथ ही मरीजों से वेस्ट या यूज की जा चुकी दवाओं का संग्रह करने में सक्षम है। वह मरीजों और हेल्थकेयर कार्यकर्ता के बीच संचार का माध्यम भी होगा। कोविड फाइटर रोबोट भीड़भाड़ वाली जगह पर कोरोना संक्रमित मरीजों को स्कैन करने के लिए गश्त कर सकता है। इसके साथ ही कोरोना संगरोध हेल्थकेयर सुविधाओं के यूवी स्टरलाइजेशन का काम भी कर सकता है।
Updated on:
27 Mar 2020 06:22 pm
Published on:
27 Mar 2020 06:21 pm
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