
कामिका एकादशी का व्रत अगर नहीं रखा है, तो इस उपाय से भी पा सकते हैं व्रती जैसा फल
नोएडा। हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण माना जाता है और आज कामिका एकादशी है। वैसे तो सावन मास में 2 एकादशी आती है। कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी बोलते हैं। सावन का पूरा महीना ही दान, कर्म, पूजा के लिए फलदाई है लेकिन कामिका एकादशी के दिन भगवान कृष्ण, शिव, विष्णु की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। कामिका एकादशी में व्रत करने से धन दौलत मिलती है। सभी दीर्घायु होते हैं, चोट नहीं लगती है।
क्या है कथा-
पौरणिक कथाओं के अनुसार एक बार युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा कि कृष्ण पक्ष में कामिका एकादशी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसके बाद कामिका एकादशी के महत्व के बारे में भगवान कृष्ण ने खुद युधिष्ठिर को बताया कि इस एकादशी का व्रत रखने वालों को अश्वमेध यज्ञ करने के बराबर फल की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि पाप कर्मों से मुक्ति पाने का इससे कोई आसान उपाय नहीं हो सकता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को कामिका एकादशी पर भगवान नारायण का पूजा करनी चाहिए। कामिका एकादशी दिन जागरण करना भी व्रत का ही एक अंग माना जाता है।
शुभ मुहूर्त-
इस बार व्रत शुभ मुहूर्त 7 अगस्त को सुबह 7:52 बजे शुरू होगा और 8 अगस्त को 05:15 बजे प्रात: पर समाप्त होगा। जो व्रत करते है वो पारण अगले दिन 8 तारीख को सुबह से लेकर 04.23 तक कर सकते हैं। एकादशी को पुण्य कार्यों और भगवान की भक्ति के लिए बड़ा ही शुभ दिन माना गया है।
आपको बता दें कि एक साल में 24 एकादशियां होती हैं लेकिन मलमास या अधिकमास होने पर इनकी संख्या 26 हो जाती है। कहते हैं कि एकादशी के दिन देवी-देवताओं की आराधना करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। इन सभी एकादशियों में कामिका एकादशी को बहुत ही खास बताया गया है।
Published on:
07 Aug 2018 10:42 am
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