
युवतियां लोगों को फंसाकर लाती थीं फ्लैट पर और फिर यूपी पुलिस का यह दरोगा करता था गंदा काम
नोएडा। शहर की सेक्टर-82 मोड़ चौकी इंचार्ज का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बाद खाकी पर एक बार फिर से दाग लगता दिख रहा है। जब इस दरोगा का खेल सबके सामने आया तो पुलिसवालों के पैरों तले भी जमीन खिसक गई। यह दरोगा मालदार लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे रुपये एेंठता है। फिलहाल वह बागपत में तैनात है और जांच में शामिल नहीं हो रहा है।
हनीट्रैप का मामला
यह पूरा मामला हनी ट्रैप का बताया जा रहा है। गिरोह के सदस्य के रूप में नोएडा के सेक्टर-82 मोड़ चौकी इंचार्ज रह चुके रामधन का नाम सामने आ रहा है। पुलिस के अनुसार, गैंग में चार युवतियां और पांच युवक शामिल हैं। गिरोह ने नोएडा सेक्टर-92 में फ्लैट किराए पर लिया हुआ था।यहीं पर लोगों को फंसाकर लाया जाता था। फरीदाबाद पुलिस ने मामले का खाुलासा करते हुए ने एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए युवक की पहचान नांगल जाट पलवल निवासी रामबीर के रूप में हुई है।
नोएडा में रखते थे शिकार को
मामले के जांच अधिकारी ब्रह्म सिंह के अनुसार, रामबीर हरियाणा के होडल के काराेबारी रमेश जैन का ड्राइवर रह चुका है। उसने रमेश जैन को फंसाया था। पुलिस ने रिमांड के दौरान मंगलवार को नोएडा, गुरुग्राम और मथुरा में छानबीन की। बुधवार को रिमांड खत्म होने पर रामबीर को होडल कोर्ट में पेश किया गया।
ऐसे फंसाते थे शिकार
गिरोह में शामिल युवतियां पहले तो अमीर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करके उन्हें किसी बहाने से नोएडा के सेक्टर-92 स्थित फ्लैट में बुलाती थीं। इसके बाद वह उन्हें नशीली चाय या कोल्ड ड्रिंक पिला देती थीं। जब पीड़ित बेहोश हो जाता था तो युवतियां उसके साथ आपत्तिजनक स्थिति में लेटकर फोटो खिंचाती थीं। इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का खेल। जब तक पीड़ित होश में आता था, तब तक वहां गिराेह के अन्य सदस्य युवती की मां, बहन व भाई बनकर आ जाते थे। फिर वे उस शख्स को पीटते थे। फिर वे उसे ब्लैकमेल करके पैसे एेंठते थे। अगर मामला नोएडा सेक्टर-82 मोड़ पुलिस चौकी पहुंचता था तो वहां पर तैनात रह चुका दरोगा रामधन उनको डर दिखाकर समझौता कराता था। बताया जा रहा है कि गिरोह का मास्टरमाइंड पलवल निवासी सलीम है।
होडल के व्यापारी से मांगे से एक करोड़ रुपये
पुलिस के अनुसार, पिछले साल नवंबर 2017 में आरोपियों ने होडल के एक व्यापारी से एक करोड़ रुपये मांगे थे। व्यापारी ने 16 लाख रुपये देकर अपनी जान छुड़ाई थी। उसी व्यापारी ने मुकदमा दर्ज कराया था। गिरोह के अशफाक, सलीम, दिनेश, गोपाल व रामधन के अलावा तीन युवतियां फरार हैं। वहीं, नोएडा के एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि इस समय आरोपी दरोगा बागपत में तैनात हैं। मामले में दरोगा के अलावा अगा कोई अन्य पुलिसकमी्र शामिल है तो जांच की जाएगी।
Published on:
09 Aug 2018 11:04 am
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