
Video: 12 साल बाद हत्थे चढ़ा कुख्यात अमर सिंह बावरिया, एसटीएफ के सामने उगले कई राज
नाेएडा. समूचे उत्तर प्रदेश की पुलिस जिस बदमाश को पिछले 12 साल से बड़ी सरगर्मी से तलाश रही थी आखिरकार उसे यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ नोएडा यूनिट ने थाना फेज-दो क्षेत्र से बावरिया गिरोह के शातिर बदमाश अमर सिंह की गिरफ्तारी के बाद बताया कि उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, अमर सिंह बावरिया बीती पांच मई को मुठभेड़ के दौरान फरार हो गया था। उस दौरान एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी सूरज पुत्र करवा उर्फ राजेंद्र बावरिया को गिरफ्तार किया था। उसने यूपी के गोंडा जिले में गार्ड की हत्या कर 50 लाख रुपये की बैंक डकैती को अंजाम दिया था।
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एसटीएफ डीएसपी राज कुमार मिश्रा ने बताया कि शनिवार को पकड़ा गया बदमाश पूर्व में कुख्यात रमेश बावरिया और राजकिशोर उर्फ काले प्रधान गैंग का सक्रिय सदस्य रह चुका है। अमर सिंह बावरियां जालौन जिले में वर्ष 2007 में पड़ी डकैती में भी वांछित चल रहा था। उसकी तलाश पिछले 12 वर्षों से की जा रही थी। इस घटना में गिरोह ने एक रात में दो घरों में डकैती डालकर कई लोगों को घायल कर दिया था और कैश व गहनों के अलावा 12 बोर की एक बंदूक और 315 बोर की राइफल लूट ली थी।
डीएसपी एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त अमर सिंह बावरिया ने बताया कि वर्ष 2000 में रमेश बावरिया गैंग के साथ सहारनपुर में निर्भय पाल शर्मा के घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। उस वारदात में शर्मा की हत्या हो गई थी। इस केस में अमर सिंह जेल गया था। उन्होंने बताया कि पांच मई को थाना फेज-दो में मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये के इनामी सूरज बावरिया को गिरफ्तार किया गया था। उस समय अमर सिंह बावरिया मौके से फरार होने में सफल हो गया था। उसके बाद ही उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
Published on:
09 Jun 2019 12:16 pm
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