
नोएडा।नोएडा के सेक्टर-18 स्थित इंडसइंड बैंक पर फ्राॅड करने का आरोप लगा है। बैंक ने करंट काउन्ट के चेक की रकम दिल्ली के एक सेविंग बैंक में ट्रांसफर कर दिया और अपने ग्राहक को 15 दिनों से दौड़ाता रहा। पुलिस ने भी पीड़ित की नहीं सुनी। आखिर, बुधवार को सेक्टर-18 में हुई लूट के बाद थाना सेक्टर-20 की पुलिस नींद से जागी और कारोबारी की शिकायत पर बैंक के खिलाफ इस मामले की रिपोर्ट दर्ज की।
लकड़ी के कारोबारी के साथ बैंक ने किया यह खेल
लकड़ी के कारोबारी सर्फाबाद निवासी रविन्दर अपना सारा काम छोड़ कर थाने और पुलिस के अधिकारियों का चक्कर काट रहे है। आखिरकार सेक्टर-20 थाने की पुलिस जागी और मुकदमा दर्ज़ कर लिया है। रविन्दर बताते है की सर्फाबाद गांव में ही बिट्टू इंटरप्राइजेज नाम से फर्म है। वह गांव में ही लकड़ी का व्यापार करता है। माल की सप्लाई के एंवज में उसे ओरियंटल बैंक ऑफ काॅमर्स का चेक मिला था। उसकी रकम 3 लाख 47 हजार 850 रुपये थी। रविन्दर ने 29 मार्च को अपना चेक सेक्टर-18 स्थित इंडसइंड बैंक के अपने करंट उकाउन्ट में जमा कर दिया। एक अप्रैल को रविन्दर ने बैंक जाकर अपने चेक के क्लीयरेंस के बारे में जानकारी की। बैंक के कर्मचारी ने उसे बताया कि उसका चेक अभी क्लीयर नहीं हुआ है। उसे दो अप्रैल को फिर से पता करने को कहा गया। दो अप्रैल को बैंक ने रविन्दर को बताया कि उसका चेक गुम हो गया है।
दूसरे के खाते में भेज दिया व्यापारी का चेक, फिर टरकाया
परेशान रविंदर इसके बाद वह प्रतिदिन बैंक के चक्कर लगाता रहा और अधिकारियों से बात की तो उसे बताया गया कि उसके चेक की रकम एक अप्रैल को ही दिल्ली के तिलक नगर के केनरा बैंक में खाताधारक दिनेश कुमार के खाते में ट्रांसफर हो गया है।अपने साथ हुए धोखे की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए वह 7 अप्रैल को सेक्टर-20 थाने में तहरीर दी। लेकिन, बैंक की तरह पुलिस भी उसे दौड़ती रही। बुधवार को सेक्टर-18 में हुई लूट के बाद थाना सेक्टर-20 की पुलिस नींद से जागी अब बुधवार को उसकी रिपोर्ट दर्ज की गई है। रविन्दर के मुताबिक पुलिस ने उसे कार्रवाई का भरोसा दिया है।
Published on:
18 Apr 2018, 11:34 PM IST
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