उनके साथ नकुल, सहदेव, अभिमन्यु और पांचों द्रौपदेय जाएंगे। उनके पश्चात् शकट्, हाट, डेरे, तंबू इत्यादि चलेंगे। कोष को विश्वस्त योद्धाओं की रक्षा में सावधानी से ले जाया जाए। शस्त्रास्त्रों का परिवहन भी कुशल योद्धाओं के संरक्षण में हो। चिकित्साकुशल वैद्य साथ चलें।Ó युधिष्ठिर रुके, 'उसके पश्चात् मेरे साथ पांचों कैकेय कुमार, धृष्टकेतु, अभिभू, श्रेणिमान, वसुदान और शिखंडी चलेंगे।