लेकिन, राजनीति तो संख्या का आंकड़ा है और वहां ग्रामीणों का प्रभुत्व है। राजनेता शासन के पूर्वाग्रह को बड़ी कुशलता से छिपा लेते हैं और गांवों, ग्रामीणों और खेती को प्रोत्साहित करने की बात करते हैं। सभी दल ग्रामीण इलाकों के हितों के नारे लगाते हैं। विदेश में लंबी और गुप्त यात्राओं का लुत्फ उठाने वाले कुछ नेता तो ग्रामीण भारत की पदयात्रा भी करते हैं।