
नई दिल्ली। पूरे पाकिस्तान को दहला देने वाले जैन सात साल की मासूम बच्ची जैनब अंसारी के अपहरण, रेप और हत्या के दोषी को आज सजा सुना दी गई। 23 साल के इमरान अली को एंटी टेररिस्ट कोर्ट ने इसे एक रेयर ऑफ द रेयरेस्ट अपराध मानते हुए सजा-ए-मौत मुकर्रर किया। पूरी दुनिया में कोर्ट के इस फैसले की चर्चा हो रही है, क्योंकि अपराध के डेढ़ महीने के अंदर ही कोर्ट ने सजा का एलान कर दिया है।
4 बार देनी चाहिए मौत की सजा
लाहौर स्थित कोर्ट कहा कि गुनाह इतना गंभीर है कि बलात्कारी को कम से कम चार बार मौत की सजा मिलनी चाहिए। इतना ही नहीं कोर्ट ने दोषी को 25 साल जेल की सजा भी सुनाई है। इसके साथ ही 10 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया है। बता दें ये आरोपी जैनब का पड़ोसी ही था। पुलिस ने बच्ची के शव से मिले खून के नमूने से आरोपी का डीएनए मैच कराने का बाद गिरफ्तार किया था
पड़ोसी ही था रेपिस्ट, 7 लड़कियों से किया था रेप
आरोपी का जैनब अंसारी के परिवार वालों से घुलामिला था, इसी वजह से थे वो अक्सर जैनब के घर जाता था। इसी का फायदा उठाकर उसने ने पहले बच्ची को अगवा किया और रेप के बाद उसकी हत्या कर दी थी। आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। हैरान करने वाली बात ये है कि आरोपी का डीएनए उन सात लड़कियों के शव से भी मिला है, जिनको अगवा और रेप के बाद हत्या कर दी गई है।
सार्वजनिक फांसी की उठी थी मांग
पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने इमरान की गिरफ्तारी के वक्त कहा था कि देश में दुष्कर्म के मामलों में कानून बदलने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि ऐसी हिमाकत करने वाले को सार्वजनिक तौर पर फांसी की सजा दी जा सके। मैंने खुद चीफ जस्टिस से इस संबंध में बात की है, ताकि जल्द से जल्द मामले का निपटारा किया जा सके।
कूड़े के ढेर में मिला था शव
बता दें कि सात साल की मासूम जैनब को कसूर शहर से उसकी एक संबंधी के घर के पास से चार जनवरी को अगवा किया गया था। उसकी लाश पांच दिनों बाद एक कूड़े के ढेर से बरामद की गई। पोस्टमार्टम रपट में खुलासा हुआ कि नाबालिग से दुष्कर्म हुआ है और फिर उसकी हत्या की गई।
Updated on:
17 Feb 2018 04:21 pm
Published on:
17 Feb 2018 04:17 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
