5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पढ़े…ये लोग 20 साल से सिर्फ बातें ही कर रहे हैं, काम नहीं

water crisis in pali : रेल चलाने में जितना पैसा लग रहा, उसमें थोड़ी राशि मिलाते तो आज महासंकट नहीं होता जोधपुर से रोहट के बीच महज 56.35 करोड़ में बिछ जाती पाइप लाइनआज तक किसी ने नहीं किया प्रयास
2 min read
Google source verification

पाली

image

Rajeev Dave

Jul 26, 2019

water crisis in pali

पढ़े...ये लोग 20 साल से सिर्फ बातें ही कर रहे हैं, काम नहीं

पाली. पश्चिमी राजस्थान के मरुसागर पर निर्भर गांवों व शहरों के साथ जनसंख्या का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। यहीं कारण है कि निर्माण के बाद वर्ष 2002 में पहली बार मरुसागर जवाई बांध जवाब दे गया। उस समय ट्रेन (water train) चलानी पड़ी और इसके बाद वर्ष 2019 में अब चौथी बार फिर से वाटर ट्रेन से पाली पानी लाया जा रहा है। आपको जानकर ताज्जूब होगा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने थोड़ा प्रयास किया होता तो शायद वर्ष 2002 के बाद कभी ट्रेन चलाने जरूरत ही नहीं पड़ती। ऐसा होता जोधपुर से रोहट तक पाइप लाइन बिछाने से, जिसकी आज की लागत ही जलदाय विभाग के प्राथमिक रूप से तैयार प्रपोजल के अनुसार 56.35 करोड़ रुपए है। जबकि 47 दिन तक ट्रेन चलाने और पानी को पम्प आदि करने में ही जलदाय विभाग को 13 करोड़ से अधिक राशि व्यय करनी पड़ रही है। इस बीच बरसात (rain in pali) नहीं आने पर इससे कहीं अधिक राशि खर्च हो जाएगी और स्थायी समाधान नहीं होगा।
पाली तक आसानी से आ जाएगा पानी

रोहट तक जोधपुर के तख्तसागर से पानी आने पर पाली तक आसानी से पानी पहुंचाया जा सकेगा। वहां से पाली तक पाइप लाइन पहले ही बिछी हुई है। जिसके माध्यम से पानी पम्प कर पाली के मण्डली या अन्य हैड वक्र्स तक लाया जा सकता है। ऐसा वर्ष 2009 में भी किया जा चुका है। जब जोधपुर से रोहट तक बिछाई पाइप लाइन से पहले रोहट (rohat) व बाद में पाली पानी लाया गया था।

48 किमी की होगी पाइप लाइन

रोहट से जोधपुर तक 48 किमी की पाइप लाइन (pipe line) बिछाई जानी है। यह पाइप लाइन 600 मिमी व्यास की होगी। इसके बिछने के बाद रोहट के 79 गांवों में जल संकट हमेशा के दूर हो जाएगा। इसके साथ ही जवाई पर उसकी निर्भरता भी समाप्त हो जाएगी। संकट आने पर पाली में भी आसानी से पानी लाया जा सकेगा।

सीएम से मांगा समय

रोहट को राजीव गांधी लिफ्ट केनाल के तीसरे चरण में शामिल किया गया है। इस बारे में जलदाय विभाग के जयपुर में बैठे अधिकारियों से भी बात हो गई है। सीएम (cm) से यह पाइप लाइन पहले स्वीकृत करने को लेकर समय मांगा है। इसे जल्द पूरा करवाया जाएगा। जिससे पेयजल की समस्या का समाधान हो सके।
महावीरसिंह सुकरलाई, कांग्रेस नेता

निर्देश मिलने पर तैयार करेंगे प्रस्ताव
रोहट के गांवों को राजीव गांधी लिफ्ट केनाल के तीसरे चरण में शामिल किया गया है। सरकार की तरफ से इस बारे में निर्देश मिलने पर हम विस्तृत प्रपोजल तैयार करेंगे।

दिनेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, पाली
............................

इतना बनाया है जलदाय विभाग ने तखमीना

पाइप लाइन पर खर्च : 4789.73 लाख
पम्पिंग मशीनरी व अन्य खर्च : 45 लाख

कन्टीजेंसी चार्ज : 241.74 लाख
अन्य खर्च 558.41 लाख