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डाक पार्सल लिखे कंटेनर में होता है ये गंदा काम, पुलिस ने वाहन रुकवाया तो उड़ गए होश

डाक पार्सल लिखे कंटेनर से मवेशियों का अवैध परिवहन, पांच गिरफ्तार, पैर और मुंह बांधकर भरे गए थे मवेशी, दो की हो गई थी मौत
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पन्ना

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Suresh Mishra

•

Updated: 4 Aug 2018, 3:56 PM IST

42 illegal cattle transport of panna, Five associates arrested

42 illegal cattle transport of panna, Five associates arrested

पन्ना। अमानगंज पुलिस ने शुक्रवार की आधी रात को चार पहिया वाहन और कंटेनर को रोका तो सवार भाग खड़े हुए। जिन्हें घेराबंदी करके पकडा गया। आरोपी डाक पार्सल लिखे कंटेनर में 42 मवेशियों का अवैध परिवहन कर रहे थे। उनके पास परिवहन दस्तावेज नहीं था।

कंटेनर और चार पहिया वाहन जब्त कर पुलिस ने मवेशियों को पवई गौ सदन भेज दिया। दो मवेशियों की वाहन में ही मौत हो चुकी थी। मवेशियों के मुंह और पैर बांधकर भरा गया था। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस को देखते ही भाग खड़े हुए
पुलिस के अनुसार, रात 3.30 बजे सूचना मिली कि, कंटेनर में मवेशियों को सुनवारी-किशनगढ़ मार्ग से भोपाल ले जाया जा रहा है। थाना की पुलिस किशनगढ़ बाइपास के पास पहुंची। जहां ट्रक क्रमांक एमपी 09 केडी 2649 आ रहा था। ट्रक के सामने कार क्रमांक एमपी 09 सीबी 7581 आ रही थी। थाना प्रभारी द्वारा रुकवाने पर चालक एवं ट्रक में बैठे लोग भागने लगे।

कंटेनर में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक भरा

पुलिस ने पीछा करने के बाद उन्हें दबोच लिया। कंटेनर में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक भरा गया था। उसे विद्यासागर गौ संवर्धन केंद्र गौशाला खाली कराया गया। 42 नग मवेशियों को गौसदन में खाली कराया गया। दो मवेशी मृत मिले। बीमार मवेशियों का इलाज पशु चिकित्सक द्वारा कराया गया।

डाक के लिए नहीं था अनुबंध
मवेशियों की तस्करी के लिये डाक पार्सल लिखे गए वाहन का उपयोग किया गया है। जबकि वाहन न तो सरकारी है और न उसका कहीं पार्सल ले जाने से संबंधित अनुबंध होने के दस्तावेज हैं। आरोपियों ने पार्सल ढुलाई में वाहन के उपयोग होने की जानकारी भी नहीं दी। दूसरी ओर मामले में पवई के विद्यासागर गौ संवर्धन समिति के अध्यक्ष ज्ञानचंद्र जैन ने बताया, जिले में पांच गौ शालाएंं है।

मवेशियों के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं

पवई के अतिरिक्त अन्य चार गौ शालाओं में भी पकड़े गए मवेशियों को भी भेजना चाहिए। यहां पूर्व से ही क्षमता से अधिक मवेशी है। कहीं भी मवेशियों के पकड़े जाने पर उन्हें पवई भेज दिया जाता है। इससे व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। मवेशियों के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। समस्या पर जिला प्रशासन का भी ध्यान आकृष्ट कराया है।

सुनवानी के जंगल से भरे थे मवेशी
आरोपियों ने बताया, मवेशियों को सुनवानी-किसनगढ़ के जंगल से लाए थे। कार चालक सनवर खां और ट्रक चालक संतोष लोधा निवासी सारंगपुर ने बताया, भोपाल बूचडख़ाने में ले जा रहे थे। पुलिस द्वारा पशुओं की खरीद एवं परिवहन का लाइसेंस पूछा गया। उनके द्वारा कागजात ना होना बताया गया। आरोपी संतोष पिता बोहर लोधा, अशफाक अली पिता लियाकत अली, सनवर खां पिता मोहम्मद खां, सनवर खां पिता वसीर खां, आजम पिता असलम खां सभी सारंगपुर जिला राजगढ़ के हैं। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

बंद वाहन का पहली बार उपयोग
थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया, गौ तस्करी पर प्रतिबंध लगाने के लिए चेकिंग अभियान चलाया गया है। मवेशियों को जिन वाहनों में ले जाया जाता था, वो पीछे और ऊपर से खुले होते हैं। मवेशियों को पर्याप्त आक्सीजन मिलती रहती थी। इस बार तस्करों ने डाक पार्सल वाहन का उपयोग किया। वह तीन ओर से पैक था। छोटी-छोटी जालियां छोड़ी गई थीं। मवेशियों को पर्याप्त हवा नहीं मिल पा रही थी।