
ई-चालान का डेटा थर्ड पार्टी को मुहैया कराया जा रहा है। (Photo: ChatGpt)
e-Challan Vs privacy : एक ओर डेटा सुरक्षा का लेकर तमाम कवायदें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर ई-चालान का डेटा थर्ड पार्टी के पास जा रहा है। यह डेटा के साथ लोगों की निजता से खिलवाड़ भी है। थर्ड पार्टी कंपनियों ने इस डेटा के आधार पर ई-चालान कटने वाले वाहन मालिकों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया है। मैसेज भेजकर उन्हें ई-चालान रिमाइंड कराया जा रहा है। कुछ कंपनियां ई-चालान जमा भी करवा रही है। इसके लिए मैसेज के साथ एक लिंक भी भेज रही हैं। इसके एवज में उनसे 50 से 100 रुपए एक्स्ट्रा लिया जा रहा है।
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