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Bhartrihari : 68 वर्षों से एक ही नाटक, एक की कहानी, हर रोज होता है मंचन

Bhartrihari : अलवर में वर्ष 1958 से ही महाराजा भर्तृहरि नाटक का मंचन हर साल हो रहा है। इसका मंचन रोजाना रात को 10 बजे से शुरू होता है और 5 बजे सुबह तक होता रहता है। नाटक में भाग लेने वाले कलाकार एक भी रुपये मेहनताना नहीं लेते हैं। इस नाटक को देखने के लिए टिकट खरीदकर लोग दूरदराज इलाकों से आते हैं। इस बारे में पढ़िए हरमिंदर लूथरा की दिलचस्प रिपोर्ट।
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भारत

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Swatantra Mishra

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हरमिंदर लूथरा

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Oct 13, 2026

Raja Bhartrihari Play

भर्तृहरि नाटक का मंचन राजर्षि अभय समाज की ओर से साल 1958 से लगातार किया जा रहा है। (फाइल फोटो -2025)

क्या आपने कभी सुना है कि किसी धार्मिक नाटक का मंचन रात 10 बजे शुरू होता हो और तड़के 5 बजे तक जारी रहता हो और वह भी प्रतिदिन और कई दिनों तक? ऐसे नाटक में काम करने वाले कलाकार एक भी पैसा नहीं लेते हों? दूर-दूर से लोग ऐसे नाटक को टिकट खरीदकर देखने आते हों?

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