
प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT
जबलपुर. जिन हाथों ने बचपन में उंगली पकडकऱ चलना सिखाया, आज उन्हीं हाथों को बुढ़ापे में सहारे, सुरक्षा, सम्मान और इलाज की जरूरत है। उम्र बढऩे के साथ शरीर कमजोर होता है, लेकिन बुजुर्गों की मुश्किलें सिर्फ बीमारी तक सीमित नहीं हैं। किसी के लिए अपने ही घर में सुरक्षा का संकट है, तो कोई अपनों के दूर चले जाने से अकेलेपन में जी रहा है। कहीं संपत्ति को लेकर विवाद है तो कहीं इलाज के लिए साथ चलने वाला कोई नहीं।
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