
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Janani)
होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री खतरा एक बार फिर गहरा गया है। गुरुवार (29 अक्टूबर) देर रात एक टैंकर पर हमला हुआ। ब्रिटिश समुद्री एजेंसी UKMTO के मुताबिक, यह हमला एक छोटी नाव से किया गया। नाव टैंकर के बाईं ओर आई और उसने पानी की सतह से ऊपर हल के हिस्से पर दो विस्फोटक उपकरण लगा दिए।
UKMTO के अनुसार, हमलावर करीब 2212 GMT पर छोटी नाव से टैंकर के पास पहुंचे। जगह ओमान के खासाब से लगभग 25 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में थी। धमाकों से इंजन रूम में आग लग गई और जहाज कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो गया। शुक्रवार को जारी अपडेट में एजेंसी ने बताया कि चालक दल सुरक्षित है।
पर्यावरण को नुकसान की सूचना नहीं है और आग बुझ चुकी है। टैंकर अगले बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। शुरुआती सूचना में सिर्फ इतना था कि बाहर जा रहे एक टैंकर में आग लगी है और कारण अज्ञात है। टैंकर के नाम और झंडे की जानकारी इन रिपोर्टों में सामने नहीं आई है।
UKMTO की जानकारी से अलग ईरान ने इसे बारूदी सुरंग का मामला बताया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, 3 टैंकर ओमानी तट के पास 'अनधिकृत दक्षिणी रूट' पर सुरंगों से टकराकर जल उठे। ईरानी सेना ने चौथे टैंकर के जलने की बात कही, जो जलडमरूमध्य के पूर्व में था। यानी ईरान चार टैंकरों की बात कर रहा है, जबकि यूकेएमटीओ ने इस घटना में सिर्फ एक टैंकर पर नाव से बम लगाए जाने का ब्योरा दिया है।
ईरान ने यह भी कहा कि जहाज बिना समन्वय और बिना अनुमति के प्रतिबंधित इलाके से गुजर रहे थे। एक ईरानी आउटलेट के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि तीनों जहाजों ने रडार और नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिए थे और आईआरजीसी नौसेना की चेतावनी अनसुनी की।
यह विवाद अमेरिकी दावे से भी जुड़ा है। अमेरिकी सेना ने एक दिन पहले कहा था कि उसने जलडमरूमध्य के प्रमुख रास्ते साफ कर दिए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सेंट्रल कमांड के उस बयान को चुनौती दी है। ईरानी नौसेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठ पर भरोसा करने वाले जहाजों को चेतावनी भी दी है।
यह अकेली घटना नहीं थी। गुरुवार तड़के खासाब के उत्तर में एक ढो (dhow) में आग लगकर वह डूब गया। लगभग 1600 GMT पर एक और टैंकर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराया, जिसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों की नजर इस हमले के तरीके पर है। सीट्रेड मैरीटाइम के मुताबिक अब तक होर्मुज में हमले ड्रोन, मिसाइल या छोटी नावों से गोलीबारी के जरिए हुए थे। टैंकर पर नाव से विस्फोटक चिपकाना हमले के तरीके में बदलाव का संकेत है। मैरीटाइम एग्जीक्यूटिव ने इसे 'लिम्पेट माइन' हमला बताया है। एक विश्लेषक ने "माहम-7" नामक 220 किलो की सुरंग का इस्तेमाल होने का दावा किया, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं मिली है। धमाके जलरेखा के ऊपर हुए, इसलिए जहाज डूबने से बच गया।
फरवरी में अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज और आसपास व्यावसायिक जहाजों पर बार-बार हमले हो चुके हैं। अमेरिका के मंगलवार के मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर नई सैन्य कार्रवाई की आशंका भी जताई जा रही है।
दुनिया के तेल व्यापार का अहम रास्ता होने के कारण यहां हर घटना का असर ऊर्जा बाजार और जहाजरानी बीमा पर पड़ता है। UKMTO ने इलाके से गुजरने वाले जहाजों को सावधानी बरतने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने को कहा है। मामले की जांच जारी है।
Updated on:
30 Oct 2026, 2:14 PM IST
Published on:
30 Oct 2026, 2:14 PM IST
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