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पीलीभीत का मुख्य डाकघर बीमार, आठ डाकियों के भरोसे लाखों ख़त

8 डाकियों पर चल रहा प्रधान डाकघर जिला पोस्टल कमेटी के सदस्य की डाकियों की मांग 18 बीट पर है मात्र 8 डाकिये 6 डाकिये हैं 55 साल से ऊपर
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पीलीभीत

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suchita mishra

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Updated: 2 Nov 2018, 12:06 PM IST

Pilibhit Post Office

Pilibhit Post Office

पीलीभीत। केंद्र सरकार विकास की बात करती है, डाकघर का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, लेकिन दुर्भाग्य की स्थिति तो यह है कि पीलीभीत में डाक विभाग आठ डाकियों के सहारे चल रहा है। यह स्थिति तब है जब पीलीभीत शहर में 18 बीट बनायी गई लेकिन इन बीटों पर मात्र आठ डाकिये ही काम कर रहे है। यह बीट तो बहुत पुरानी है। जबकि आबादी और मोहल्लों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। डाकियों की कमी के चलते डाक वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिला पोस्टल कमेटी के सदस्य ने निदेशक डाक सेवाओं को पत्र भेजकर इस समस्या की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है।

पोस्टल समिति के सदस्य कलीम ने की डाकियों की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता तथा जिला पोस्टल समिति के सदस्य कलीम अतहर खां ने निदेशक डाक सेवायें उ0प्र0 के.के. यादव को लिखे पत्र में जिला पीलीभीत मुख्यालय पर पोस्टमैनों की कमी के चलते डाक वितरण सेवाओं के प्रभावित होने के सम्बंध में विस्तृत पत्र लिखकर इस समस्या के समाधान का आग्रह किया है। पत्र में कलीम अतहर ने कहा है कि जिला पीलीभीत 262001 पर डाकिया बीट 18 है। जिन पर वर्तमान में मुख्यालय पर केवल 8 ही डाकियों से कार्य लिया जा रहा है। जिन 8 डाक कर्मियों में से एक डाकिया दिव्यांग है जो केवल एक ही हाथ से साईकिल चलाकर डाक बांटते हैं। जनपद मुख्यालय से पूर्व में प्रवर डाक अधीक्षक बरेली मण्डल को डाकियों की कमी से अवगत कराया जा चुका है, किन्तु डाकियों की पूर्ति के लिए न तो डाकिये मुख्यालय को दिये जा रहे है। 18 बीटो पर के 8 डाकिये पूर्ण संतुष्ट रूप से कार्य नही कर पा रहे है।

प्रतिदिन लाखों आते है ख़त
इस स्थिति में कोई भी आसानी से अंदाजा लगा सकता है कि प्रतिदिन एक डाकिये के कन्धे पर निर्धारित कार्य से ज्यादा कार्य करने की जिम्मेदारी निभाई जाती है डाकिये का कार्य बेहद महत्वपूर्ण, समयवद्ध तथा श्रमसाध्य है। घर-घर रूककर दरबाजे खटखटाकर ’’निश्चित समय सीमा’’ में प्रतिदिन नियमानुसार निर्धारित कार्य से दोगुने से अधिक क्षेत्र में डाक वितरण का दायित्व निर्वाहन केवल 8 डाक कर्मियों पर है। आबादी का क्षेत्रफल बढ़ता जा रहा है जिससे डाक वितरण का क्षेत्र भी बढ़ा है। लिहाजा डाक वितरण बीट भी बढ़नी चाहिए लेकिन समस्या डाकियों की कमी है।

निदेशक डाक सेवायें से की है मांग
वर्तमान में 8 डाकियों में से 6 डाकियो की उम्र 55 वर्ष से अधिक है। इन 8 डाकियो में से एक डाकिया 31 जनवरी 2019 एवं एक डाकिया माह जून 2019 को सेवानिवृत्त हो जायेगे। बचे 6 डाक कर्मी कैसे डाक वितरण का कार्य करेगें यह एक गम्भीर विषय है। इसका निस्तारण जल्द करना जरूरी है। उन्होंने निदेशक से आग्रह किया है कि मुख्यालय पीलीभीत 262001 पर रिक्त पद पर डाकियो की नियुक्ति की जाये। सम्बंधित अधिकारियों को डाकियो की पूर्ति के लिए निर्देशित किया जाये ताकि डाक वितरण प्रणाली सुगम व सरल हो सके।

इंडियन पोस्ट पेमेंट की भी है जिम्मेदारी
अब जहां डाकघरों को आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब डाकियों पर नई जिम्मेदारी इंडियन पोस्ट पेमेंट की भी आ गई है। इस बारे में डाक विभाग किस तरह से अपने उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रहा है, जिससे कई बार विवाद की स्थिति हो गई है। पता नहीं कब डाक विभाग इस विषय पर ध्यान देंगा। फिलहाल सामाजिक कार्यकर्ता की पहल ने एक समस्या को उजागर किया है।