देवभूमि को किया जा रहा कलंकित
कुछ विदेशी संस्थाएं समाजसेवा के नाम पर देवभूमि उत्तराखण्ड की महान संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रही है, साथ ही देव भूमि में इस तरह के मेलों के माध्यम से पाश्चात्य संस्कृति को परोसकर समाज में एक ऐसा ज़हर घोल रहे है जिसे किसी भी तरह सही नहीं कहा जा सकता है।