लाल कृष्ण आडवाणी के अनुसार एक बार जब दिल्ली में नयाबांस सीट पर उपचुनाव था। बड़ी मेहनत के साथ चुनाव लड़ गया था, बावजूद इसके हमारी हार हुई। हार का दर्द इतना था कि हम दोनों बुरी तरह कसे खिन्न थे। तभी वाजपेयी बोले, चलो कहीं फिल्म देखने के चलते हैं। इसके बाद हमारे अजमेरी गेट कार्यालय के पास मौजूद पहाड़गंज में थिएटर में हमने फिल्म देखी। हालांकि तब मन में नहीं था कि फिल्म कौन सी लगी थी, लेकिन थियेटर पहुंचकर देखा तो राज कपूर साहब की ‘फिर सुबह होगी’ फिल्म थी।