
कांग्रेस को लेकर अटलवाणी साबित हुई सच, दो दशक पहले कर दी थी भविष्यवाणी
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में करारी शिकस्त के बाद जहां कांग्रेस खेमे में घोर मायूसी छाई हुई है, वहीं एनडीए खेमे में उत्साह का माहौल है। 30 मई को नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। भारतीय जनता पार्टी की इस ऐतिहासिक जीत के बाद लोगों को अटल जी की वो बातें भी याद आने लगी हैं जो उन्होंने 1997 में लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करते हुए कही थीं। 22 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा था कि आज आप मुझ पर हंस रहे हैं, एक दिन पूरा देश आप पर हंसेगा। उनकी यह भविष्यवाणी आज कांग्रेस के लिए बिल्कुल सच साबित हुई है।
पुराने ट्रैक पर नहीं लौटी कांग्रेस तो...
भारतीय राजनीति की वर्तमान में हकीकत भी यही है। लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से कांग्रेस के जो हालात हैं, उसे देखकर हंसी ही आएगी। इस निराशा के गर्त से बाहर निकलने के लिए कांग्रेस ने अपने हालात जल्द ही सही नहीं किए तो उसका एक राजनीतिक पार्टी के रूप में पतन और भी ज्यादा हो सकता है।
अनुराग ठाकुर ने दिलाई अटल की याद
दरअसल, हिमाचल प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत के बाद वीआईपी सीट हमीरपुर से भाजपा सांसद चुने गए अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को एक खास ट्वीट करते हुए वाजपेयी की कही बातें याद दिलाई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कांग्रेस के हालात वहीं हैं, जो वाजपेयी जी ने 1997 में लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करते हुए भविष्यवाणी की थी। अपने ट्वीट के साथ भाजपा सांसद ने देश के पूर्व और दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक तस्वीर भी शेयर की है।
सदन में क्या कहा था अटल ने...
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में कहा था, ‘हमने तपस्या की है, हम लोगों के बीच गए हैं। ये आकस्मिक नहीं हुआ, हमारी पार्टी कुकुरमुत्ते की उगने वाली पार्टी नहीं है। मेरी बात को गांठ बांध लें, आज मेरे कम सांसद होने पर आप हम पर हंस रहे हैं, एक दिन देश आप पर हंसेगा।’
अस्तित्व के संकट से गुजर रही है कांग्रेस
2014 में चुनाव हारने के बाद एक बार जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस अस्तित्व के संकट से गुजर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह की ओर से मिल रही चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए हमें खुद को लचीला बनाना होगा। नहीं तो हम अप्रासंगिक हो जाएंगे। पांच साल पहले चुनावी हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस की ओर गठित एके एंटनी समिति ने भी कांग्रेस को अल्पसंख्यक समर्थक नीतियों से पीछे हटने और सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति पर चलने का सुझाव दिया था।
केवल 4 राज्यों में है कांग्रेस की सरकार
बता दें कि लोकसभा में 17 राज्यों से कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि नहीं है। इतना ही नहीं 29 में से केवल 4 राज्यों कर्नाटक, पंजाब, मिजोरम और पुडुच्चेरी में कांग्रेस की सरकार बची है। दूसरी तरफ इस समय एनडीए की 21 राज्यों में सरकार चल रही है। अगर इस सारे गणित को जोड़ें तो देश की 70 प्रतिशत आबादी पर भाजपा का कब्जा है। जबकि कांग्रेस का राज सिर्फ देश की कुल आबादी के 7.53 प्रतिशत लोगों पर ही है।
Updated on:
26 May 2019, 7:28 PM IST
Published on:
26 May 2019, 10:53 AM IST
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