
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। बुधवार को केंद्र सरकार के चार बड़े मंत्री चुनाव आयोग पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में भाजपा ने कहा कि कांग्रेस के कर्नाटक चुनाव में वोट पाने के लिए धर्म का सहारा ले रही है। भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराने के साथ-साथ धर्म के नाम पर वोट मांगने वाली कांग्रेस के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। बता दें कि भाजपा की ओर से केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अगुवाई में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। इस दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि चुनाव आयोग से अपील की गई है कि कर्नाटक में साफ-सुथरे और स्वतंत्र रुप से चुनाव होने चाहिए। हालांकि उन्होंने शिकायत की है कि यहां निष्पक्ष निर्णय नहीं लिए जा रहे हैं। गौरतलब है कि भाजपा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ शिकायत भी की है।
भाजपा का आरोप
भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है कि वोट पाने के लिए कांग्रेस धर्म का सहारा ले रही है। गडकरी ने कहा कि राज्य में जब प्रभात फेरी निकलती है, तो राज्य सरकार ने उस पर पाबंदी लगा दी है। भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस कर्नाटक में कई जगहों पर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शिकायत करते हुए चुनाव आयोग से कहा कि कांग्रेस के दो बड़े नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे मुस्लिम समाज को प्रेरित कर रहे हैं कि वे कांग्रेस को ही वोट करें और यदि वे ऐसा करेंगे तो अल्लाह प्रसन्न होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह से राज्य में सांप्रदायिक स्तर पर प्रचार कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि यदि विश्वास नहीं हो रहा हो तो इस बारे में चुनाव आयोग पूरी जांच करा लें। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गडकरी का दिलासा भी नहीं आया काम , मजबूरन उठाना पड़ा यह कदम
चुनाव आयोग करे सख्त कार्रवाई: रविशंकर प्रसाद
बता दें कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को यह महसूस हो गया है कि वे चुनाव हार रहे हैं, इसलिए वह हताश होकर ऐसे कारनामें कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारी ठीक ढंग से व्यवहार नहीं करते हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं को सड़क पर प्रचार नहीं करने दिया जा रह है, जबकि कांग्रेस के कार्यकर्ता अपनी गाड़ी लेकर खुलेआम प्रचार करते हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं को थाने में बेवजह बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में सांप्रदायिक कार्ड खेलकर चुनाव जीतना चाहती है। जो कि बिलकुल गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सबूतों के साथ अपनी बात रखी है और इसे गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
Published on:
2 May 2018, 8:46 PM IST
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