
रेप
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कठुआ गैंगरेप मामले में जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उच्च न्यायालय को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की है । सूत्रों ने कहा कि कोर्ट 90 दिनों में मामले की सुनवाई पूरी कर लेगी और राज्य में यह इस तरह की पहली अदालत होगी। बताया जा रहा है कि मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त भी किया जाएगा।
रेप के आरोपियों के लिए कड़े कानून की जरूरत
इससे पहले गुरुवार को सीएम मुफ्ती ने कहा कि मासूम से रेप करने वालों के खिलाफ कड़ा कानून लाएंगे । मासूम से रेप के दोषी को फांसी की सजा का कानून लाएंगे।उन्होंने कहा कि रेप और हत्या के मामले में इंसाफ के रास्ते में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। महबूबा ने ट्वीट कर कहा था, 'कुछ लोगों के एक समूह के गैर-जिम्मेदाराना कार्यों और बयानों से कानून के रास्ते में किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी। इस मामले पर ठोस कार्रवाई की जा रही है। तेजी से जांच आगे बढ़ रही है और इंसाफ किया जाएगा।
खत्म होगी आरोपी पुलिसकर्मियों की सर्विस
वहीं दूसरी ओर पीडीपी के सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार गैंगरेप में आरोपी पुलिसकर्मियों की सेवा भी समाप्त की जा सकती है। सीएम महबूबा मुफ्ती की अपील पर अगर मुख्य न्यायाधीश अमल करते हैं तो कठुआ में आठ साल की मासूम से गैंगरेप की सुनवाई 90 दिन में पूरी हो जाएगी। इससे मासूम से रेप करने वाले दरिंदों को जल्द से जल्द सजा मिल जाएगी।
प्रधानमंत्री बोले- बेटियों के साथ न्याय होगा
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू एवं कश्मीर में नाबागिक बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या तथा उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म की घटना पर कहा कि ऐसी घटनाओं से देश शर्मसार हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामलें में न्याय होगा और दोषी बच नहीं पाएंगे। जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव की घटनाओं पर मचे बवाल के बाद मोदी ने कहा कि देश में जिन घटनाओं पर पिछले दो दिनों से चर्चा हो रही है, वे सभ्य देश के लिए अच्छा नहीं हैं। यह शर्मनाक है। पीएम ने कहा कि देश या राज्य के किसी भी हिस्से में ऐसी घटनाएं मानवता को उद्वेलित करती हैं। मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोई दोषी बच नहीं पाएगा। इंसाफ होगा। पूर्ण रूपेण न्याय होगा। बेटियों को इंसाफ मिलेगा। हमें साथ मिलकर इस बुराई को समाज से समाप्त करना होगा।
क्या है पूरा मामला
घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ की है, जहां 8 साल की बच्ची को 10 जनवरी 2018 को अगवा कर लिया गया था। उसके बाद 17 जनवरी को उसकी लाश उसके परिजनों को मिली थी। मासूम के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी। बच्ची का शव बेहद बुरे हालात में बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि उसे एक मंदिर में बंदी बनाकर रखा गया और नशीली दवा पिलाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया और आखिर में उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में 8 पुलिसवालों समेत जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व राजस्व अधिकारी को आरोपी ठहराया गया है। हाल ही में इस घटना को लेकर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें इन लोगों को आरोपी बनाया गया है।
Updated on:
14 Apr 2018, 5:39 PM IST
Published on:
14 Apr 2018, 2:28 PM IST
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