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कर्नाटक: मंत्री पद ने मिलने से उठने लगे बगावत के सुर

कैबिनेट विस्तार के बाद सीएम कुमारस्वामी ने कहा विधायकों की नाराजगी बड़ी बात नहीं है
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Saif Ur Rehman

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Jun 07, 2018

congress

कर्नाटक में नया नाटक शुरू, मंत्री पद ने मिलने से उठने लगे बगावत के सुर

बेंगलुरु। कर्नाटक का सियासी नाटक अब लगभग खत्म हो गया है। बुधवार को जद-एस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार के कैबिनेट का गठन भी हो गया। मंत्रीमंडल का गठन भले ही हो गया हो लेकिन अब सरकार में बगावत की आवाजें उठने लगी हैं। खबर है कि कांग्रेस के कई कद्दावर नेताओं को साइड कर दिया गया है। आप को यहां बता दें कि कर्नाटक सरकार में कुल 25 मंत्री बने हैं। जिसमें कांग्रेस के 15 और जद-एस के 10 विधायकों शामिल हैं। कैबिनेट में वोक्‍कालिंगा (गौड़ा) समुदाय का दबदबा है। 25 में से नौ मंत्री वोक्‍कालिंगा है
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बागी हो जाएंगे विधायक?
सरकार गठन के बीच ग्रेस में मंत्रीपद को लेकर पैदा हुई रार भी सबके सामने आई। अब पार्टी के बड़े नेता नाराज बताए जा रहे हैं। कर्नाटक की पिछली सिद्धारमैया सरकार में अहम भूमिका अदा करने वाले नेताओं को कैबिनेट में जगहनहीं मिली है। इससे नाराज समर्थक सड़कों पर उतर आए और पार्टी के अंदर का तनाव बाहर आ गया। एचके पाटिल, रामलिंग रेड्डी, रोशन बेग, एमबी पाटिल और तनवीर सैत के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा देने के कदम की अगुवाई करने वाले एमबी पाटिल ने पार्टी से अलग होने की धमकी दे ड़ाली है। कहा जा रहा है कि उन्हें मनाने के लिए कृष्ण बैरगौड़ा और विनय कुलकर्णी को फौरन भेजा गया।जद-एस के नेता भी विरोध कर रहे हैं। एमसी मनुगुली के समर्थक पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी प्रमुख एचडी देवगौड़ा के घर तक पहुंच गए। हालांकि, जब उन्हें बताया गया कि मनुगुली का नाम मंत्रियों की लिस्ट में शामिल है तब वे शांत हुए। वहीं पार्टी के असंतुष्ट विधायकों पर सीएम कुमारस्वामी ने कहा कि यह आम बात है कि जो विधायक नाखुश हैं वह विरोध करेंगे। 2008 में बीजेपी सरकार के साथ ऐसी ही बात हुई थी। उल्लेखनीय है कि जद-एस ने शपथग्रहण से पहले 3 पद खाली रखे थे जिन्हें बाद में भरा जाना था लेकिन ऐन मौके पर दो नाम शामिल कर अब उसके पास भरने के लिए एक पद खाली है। उधर, कांग्रेस के पास 6 पद खाली हैं। अभी मंत्रियों में विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। हालांकि, दिल्ली और बेंगलुरु में चले बैठकों के दौर में इस बात का फैसला हो चुका है। कांग्रेस के मंत्रियों में से 7 नए चेहरे हैं जबकि जेडी(एस) के 6 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं।