
नई दिल्ली। जस्टिस लोया की मौत पर एसआईटी जांच की मांग खारिज होने के बाद कांग्रेस आर पार की लड़ाई के मूड में आती दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि न्यायाधीश बी. एच. लोया के मामले में 'उम्मीद बरकरार है', क्योंकि 'भारतीय सच्चाई देख सकते हैं।' इससे एक दिन पहले न्यायाधीश के परिवार ने कहा था कि 'कोई आशा नहीं बची है।'
उम्मीद बरकरार है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने न्यायाधीश के परिवार के सदस्यों के हवाले से एक रिपोर्ट को संलग्न करते हुए ट्वीट किया, 'न्यायाधीश लोया के परिवार का कहना है कि कि कोई आशा नहीं है, हर चीज पहले ही से तय कर ली गई है। मैं उनसे कहना चाहूंता हूं कि उम्मीद है। उम्मीद है क्योंकि लाखों भारतीय सच्चाई देख सकते हैं। भारत न्यायाधीश लोया को नहीं भूलेगा।'
'शाह को बीजेपी के लोग भी समझते हैं'
बीजेपी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि सच्चाई एक न एक दिन भाजपा अध्यक्ष को पकड़ लेगी। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'भारतीय बेहद समझदार हैं। ज्यादातर भारतीय, जिसमें भाजपा के लोग भी हैं, अमित शाह की सच्चाई को समझते हैं। उन जैसे लोगों को पकड़ने के लिए सच्चाई का अपना तरीका है।'
लोया के मौत की नहीं होगी एसआईटी जांच: सुप्रीम कोर्ट
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एच.बी. लोया की रहस्यमय हालात में मौत की जांच एसआईटी से कराने की मांग वाली याचिका गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि न्यायाधीश लोया की मौत की जांच एसआईटी से कराने की मांग वाली याचिका में कोई दम नहीं है और उनकी मौत प्राकृतिक तरीके से हुई थी न्यायाधीश लोया नवंबर 2005 में गांधीनगर के पास सोहराबुद्दीन शेख कथित मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें (अब) भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आरोपी थे। शाह को बाद में मामले से बरी कर दिया गया था।
Published on:
20 Apr 2018 04:37 pm
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