बातचीत की पैरवी को आगे बढ़ाते हुए फारूक ने पाकिस्तान का पक्ष भी लेना शुरु कर दिया। उन्होंने कहा कि Kashmir Issue एक राजनीतिक मुद्दा है, जिसका हल भी राजनीति से होना चाहिए। इस मुद्दे का समाधान इस तरह होना चाहिए की पाकिस्तान और भारत को विश्वासघात महसूस न हो। इसमें पाकिस्तान या भारत को अलग नहीं रखा जा सकता।