25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पूर्व कांग्रेसी नेता एमएम कृष्णा ने खोला बड़ा राज, कहा- कई फैसले मनमोहन सिंह को बिना बताए लिए जाते थे

एमएम कृष्णा ने कहा कि कांग्रेस का गठबंधन दलों पर कोई नियंत्रण नहीं था और ना ही कोई सक्षम नेतृत्व था।  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shiwani Singh

•

Updated: 10 Feb 2019, 1:44 PM IST

SM KRISTNA

पूर्व कांग्रेसी नेता एमएम कृष्णा ने खोला बड़ा राज, कहा- कई फैसले मनमोहन सिंह को बीना बताए लिए जाते थे

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लगातार हस्तक्षेप की वजह से उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। कृष्णा ने कहा कि राहुल जब पार्टी के अध्यक्ष भी नहीं थे तब भी वह कई मामलों में हस्तक्षेप किया करते थे। बता दें कि एसएम कृष्णा मनमोहन सिंह सरकार में विदेश मंत्री रहे चुके हैं।

यह भी पढ़ें-राजद विधायक मंगीता देवी बोलीं- लालू जी हमारे हीरो हैं, हम उनके सपनों को पूरा करेंगे

पार्टी में होती थी घुटन

कृष्णा ने दवा किया यूपीए सरकार में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री जरूर थे लेकिन कई मुद्दों पर उनकी जानकारी के बिना ही किसी भी बात को आगे बढ़ा दिया जाता था। एसएम कृष्णा ने कहा, '2009 से 2014 तक जब मैं विदेश मंत्री था, तब पार्टी में घुटन का माहौल था।'उन्होंने कहा कि कांग्रेस का गठबंधन दलों पर कोई नियंत्रण नहीं था और ना ही कोई सक्षम नेतृत्व था।

46 साल तक कांग्रेस से जुड़े रहे

बता दें कि मद्दुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कृष्णा ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा इस लिए दिया था, क्योंकि राहुल ने एक आदेश जारी कर कहा था कि 80 साल तक पहुंचने वाले नेताओं को कोई मंत्रालय नहीं देना चाहिए। आपको बता दें कि कर्नाटक कांग्रेस के नेता एसएम कृष्णा 46 साल तक कांग्रेस से जुड़े रहे। साल 2017 में वह बीजेपी में शामिल हुए थे।

यह भी पढ़ें-J-K: सुरक्षाबलों ने कुलगाम में 2 आतंकियों को किया ढेर, मुठभेड़ जारी

इंदिरा के करीबी कृष्णा

एसएम कृष्णा 84 साल के हो चुके हैं। कृष्णा को इंदिरा गांधी और उनके बेटे राजीव गांधी के करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता था। उन्हें केंद्र और राज्य में कई महत्वपुर्ण पद दिए गए थे। बता दें कि साल 2004 से 2008 तक कांग्रेस ने उन्हें महाराष्ट्र के 19वें राज्यपाल के रूप में भी नियुक्त किया था।