
नई दिल्ली। 2019 का आम चुनाव होने में अब कुछ ही महीने शेष बचे हैं लेकिन सियासी गलियारों में अब हलचल मचना शुरु हो गया है। जहां फिलहाल 12 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग छिड़ी हुई है वहीं अन्य विपक्षी दल और सत्ता पक्ष के दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीति बनाने में लगे हुए हैं। कर्नाटक के चुनाव प्रचार में भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने सारी राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इसी क्रम में एनडीए के सहयोगी दल शिवसेना ने अपने मुख पत्र सामना में भाजपा और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जमकर प्रशंसा की है। गुरुवार को शिवसेना ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि 2019 के आम चुनाव में राहुल गांधी भाजपा को कड़ी चुनौती देंगे। आगे शिवसेना ने कहा कि अब यह 2014 के राहुल गांधी नहीं हैं। अब वे काफी बदल गए हैं, उन्होंने काफी आलोचना सही है और अब वे राजनीति बौद्धिक रुप से काफी मजबूत हो गए हैं। बता दें कि शिवसेना ने यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद आया है। पीएम मोदी ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की अपनी महत्वकांक्षा जाहिर करने पर उपहास उड़ाते हुए उनका मजाक उडाया था।
गुजरात चुनाव से राहुल को मिला राजनीतिक ताकत
बता दें कि शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' और ‘दोपहर का सामना’ के संपादकीय में भाजपा और पीएम मोदी पर तंज कसते हुए लिखा 'राहुल गांधी ने 2019 में भारतीय जनता पार्टी के सामने कड़ी चुनौती रखी है।’ सामना में शिवसेना ने पिछले वर्ष दिसंबर 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए लिखा कि राहुल गांधी को एक राजनीतिक ताकत मिल गई है। शिवसेना ने कहा कि भाजपा नेताओं ने राजनीतिक मर्यादा को गिराया है। भाजपा नेताओं ने अभद्र भाषा को प्रयोग कर राहुल का मजाक उडाया लेकिन राहुल गांधी ने हमेशा पीएम पद की गरीमा का ख्याल रखा और कभी भी निचले स्तर पर जाकर पीएम की कोई आलोचना नहीं की। जबकि पीएम ने राहुल गांधी पर न जाने कितने अमर्यादित टिप्पणी की है। शिवसेना ने कहा कि इससे यह बात साबित होता है कि राहुल गांधी के पास राजनीतिक बुद्धि और संस्कृति है।
राहुल के पीएम बनने की महत्वकांक्षा से भाजपा क्यों डरी है? शिवसेना
आपको बता दें कि राहुल गांधी के अगले आम चुनाव में कांग्रेस की जीत पर पीएम बनने की महत्वकांक्षा को लेकर पीएम मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं ने मजाक उठाया जिसे लेकर शिवसेना ने कहा कि आखिर क्यों भाजपा इतनी डरी हुई है और अपनी छाती पिट रही है। सामना में शिवसेना ने लिखा कि भाजपा आज जानना चाहती है कि विपक्ष के पास कितने प्रधानमंत्री के उम्मीदवार हैं और राहुल गांधी ने कैसे स्वयं को प्रधानमंत्री घोषित कर दिया।
Published on:
10 May 2018, 4:46 PM IST
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